एक ही निर्माण कार्य का दो बार शिलान्यास, जामताड़ा में सियासी घमासान
जिला परिषद फंड से बनने वाले भवन पर खड़ा हुआ विवाद
Jamtara : जिले में एक ही निर्माण कार्य का दो बार शिलान्यास होने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मामला जिला परिषद फंड से करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले विवाह मंडप भवन से जुड़ा है। शिलान्यास को लेकर हुई जल्दबाजी और आपसी तालमेल की कमी ने पूरे कार्यक्रम को सियासी गहमागहमी में बदल दिया।
मंत्री ने किया शिलान्यास, अध्यक्ष रहीं अनुपस्थित
जानकारी के अनुसार जामताड़ा में पुराने जिला परिषद कार्यालय परिसर में विवाह मंडप भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन दोनों को मौजूद रहना था। लेकिन जिला परिषद अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल पर देर से पहुंचने के कारण मंत्री इरफान अंसारी ने उनकी अनुपस्थिति में ही शिलान्यास कर दिया और वहां से चले गए।
दूसरी बार हुआ शिलान्यास, अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
स्वास्थ्य मंत्री के जाने के बाद जब जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो उन्होंने भी उसी निर्माण कार्य का दोबारा शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि यह विवाह मंडप भवन जिला परिषद के फंड से बनाया जा रहा है, इसके बावजूद मंत्री ने बिना उन्हें साथ लिए शिलान्यास कर दिया, जिससे दोबारा शिलान्यास की स्थिति बनी।
₹3 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक विवाह मंडप
बताया जा रहा है कि जामताड़ा के लोगों के लिए जिला परिषद लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक विवाह मंडप भवन का निर्माण करा रही है। यह भवन शहर के सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए उपयोगी होगा। इसी महत्वपूर्ण परियोजना के शिलान्यास को लेकर दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आई।
मंत्री बोले— शहर के लोगों के लिए तोहफा
शिलान्यास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस परियोजना को शहर के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि विवाह मंडप में आधुनिक सुविधाएं होंगी और गरीब वर्ग के लोगों को ये सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहर में एक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण भी किया जाएगा।
शिलान्यास बना राजनीति का मुद्दा
हालांकि, विकास कार्य की घोषणा के बावजूद शिलान्यास को लेकर उत्पन्न विवाद ने पूरे आयोजन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही निर्माण कार्य का दो बार शिलान्यास होना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इसे प्रोटोकॉल और समन्वय की विफलता बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के भीतर भी इस घटना को लेकर असहजता देखी जा रही है।
स्थानीय राजनीति में बढ़ सकता है टकराव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जामताड़ा की स्थानीय राजनीति में तनाव और टकराव के संकेत मिल रहे हैं। जिला परिषद और राज्य सरकार के मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी विकास कार्यों पर भारी न पड़े, इसे लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।






