Smart Meter Rules: अब नहीं होगी प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता, उपभोक्ता चुन सकेंगे पोस्टपेड या प्रीपेड विकल्प

Smart Meter Rules

रांची: झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने स्मार्ट मीटर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार अब स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर प्रीपेड बिलिंग अनिवार्य नहीं होगी। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड बिलिंग मोड का चयन कर सकेंगे। इस फैसले का असर रांची समेत पूरे झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हालांकि, जिन क्षेत्रों में संचार (Communication) नेटवर्क उपलब्ध है, वहां स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान पहले की तरह जारी रहेगा।

अब नहीं थोपा जाएगा प्रीपेड स्मार्ट मीटर
नई नीति के तहत केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर या प्रीपेड बिलिंग जबरन लागू नहीं की जाएगी।संचार सुविधा वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने को बढ़ावा जरूर दिया जाएगा, लेकिन उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड बिलिंग व्यवस्था चुन सकेंगे।

रांची में 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए
रांची में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। शुरुआती सर्वे के अनुसार रिंग रोड के भीतर करीब 3.70 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे। अब तक 3.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रीपेड मोड में की जा रही है। बिजली विभाग का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक रांची के सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का है।

जेबीवीएनएल ने अभी जारी नहीं की नई गाइडलाइन
हालांकि CEA की नई नीति सामने आने के बाद भी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने अभी तक इस संबंध में कोई नया दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है। फिलहाल राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पहले की तरह जारी है।

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नई नीति के बाद JBVNL के सामने चुनौती
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने अगस्त तक सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है, ताकि बिजली वितरण में होने वाले नुकसान और AT&C Loss को कम किया जा सके। इस बीच CEA की नई नीति आने के बाद JBVNL के सामने इसे लागू करने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने के बाद नई व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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