महागामा में विकास को नई रफ्तार, सड़क, सिंचाई और जैविक खेती की कई योजनाओं की शुरुआत
ग्रामीण आधारभूत संरचना और आजीविका को मजबूत करने की पहल
महागामा: दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा क्षेत्र के मेहरमा और ठाकुरगंगटी प्रखंड में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई, जैविक खेती और महिला आजीविका को मजबूत करना है। सरकार का दावा है कि इन पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और किसानों तथा महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत नई सड़क
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत ठाकुरगंगटी प्रखंड में दुधकोल से बाघाकोल तक 1.750 किलोमीटर लंबी सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया। करीब ₹1 करोड़ 63 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क ग्रामीणों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी। इस सड़क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं विद्यार्थियों और आम लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।
सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली का उद्घाटन
मेहरमा प्रखंड के परसा गांव में समुदाय आधारित क्लाइमेट स्मार्ट अवसंरचना परियोजना का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के तहत सौर ऊर्जा संचालित लिफ्ट सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे लगभग 60 से 70 एकड़ कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं, जिससे गांव में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
JSLPS और PRADAN की संयुक्त पहल
यह परियोजना झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और PRADAN के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। इसकी खास बात यह है कि इसका संचालन स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं करेंगी। इससे महिलाओं को नेतृत्व, प्रबंधन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलेंगे।
जैविक संसाधन केंद्र का उद्घाटन
ठाकुरगंगटी प्रखंड के दूधकोल में जैविक संसाधन केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित कृषि और टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने का काम करेगा।

महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार
जैविक संसाधन केंद्र के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आय के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकेंगी।
रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करने की कोशिश
इस पहल का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से हटाकर प्राकृतिक और कम लागत वाली खेती की ओर प्रेरित करना भी है। विशेषज्ञों के अनुसार जैविक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन लागत में भी कमी आती है।
हरिदेवी स्मारक का अनावरण
कार्यक्रम के दौरान ठाकुरगंगटी स्थित हरिदेवी रेफरल अस्पताल परिसर में स्वर्गीय हरिदेवी जी की स्मृति में बने स्मारक का अनावरण भी किया गया। यह स्मारक मातृशक्ति, संस्कार और समाजसेवा के मूल्यों को समर्पित बताया गया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने क्या कहा?
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती से जोड़ना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और गांवों तक विकास पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

ग्रामीण विकास मॉडल पर जोर
उन्होंने कहा कि समुदाय आधारित विकास मॉडल से गांवों में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। सरकार अब ऐसी योजनाओं पर फोकस कर रही है जिनमें स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी हो।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा
स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि सड़क, सिंचाई और जैविक खेती से जुड़ी ये योजनाएं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी। विशेष रूप से किसानों और महिलाओं के लिए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महागामा में शुरू की गई ये विकास योजनाएं केवल आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और टिकाऊ कृषि मॉडल को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो यह क्षेत्र ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में उभर सकता है।






