...

हजारीबाग में नकली NCERT किताबों का बड़ा खेल!

Fake NCERT Books

तीन बुक डिपो पर FIR, जिला प्रशासन की छापेमारी में फर्जी किताबें जब्त

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में नकली NCERT पुस्तकों की बिक्री के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के तीन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर प्रशासन ने नकली किताबें जब्त कीं और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों में संगम बुक डिपो, ज्ञान भंडार-वन और ज्ञान भंडार-टू शामिल हैं।

नौवीं की नकली किताबें बेचने का आरोप
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि शहर के कुछ दुकानदार नकली NCERT किताबों की बिक्री कर रहे हैं। सूचना के आधार पर उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने एक साथ तीनों दुकानों में छापेमारी की। जांच में सामने आया कि कक्षा 9 की NCERT पुस्तकों की संदिग्ध तरीके से बिक्री की जा रही थी।

जांच में क्या मिला?
प्रशासनिक टीम ने दुकानों में उपलब्ध किताबों की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई पुस्तकों पर आधिकारिक होलोग्राम नहीं मिला। वहीं किताबों के पन्नों और छपाई की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। प्रथम दृष्टया में प्रशासन ने इसे नकली किताबों की बिक्री का मामला माना है।

दुकानदारों ने क्या सफाई दी?
जांच के दौरान दुकानदारों ने अधिकारियों को बताया कि वे छात्रों से पुरानी NCERT किताबें लेकर उन्हें दूसरे विद्यार्थियों को बेचते हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि बरामद पुस्तकों की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी खामियां यह संकेत देती हैं कि मामला सिर्फ पुरानी किताबों की बिक्री का नहीं है।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

कॉपीराइट एक्ट के तहत FIR दर्ज
छापेमारी के दौरान बरामद पुस्तकों को जब्त कर लिया गया। इसके बाद तीनों प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 के तहत संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन ने आसपास मौजूद लोगों की गवाही भी दर्ज की है।

resizone elanza

DC ने दी सख्त चेतावनी
उपायुक्त हेमंत सती ने साफ कहा है कि शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अभिभावकों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और प्रमाणिक स्रोतों से ही किताबें खरीदें। प्रशासन का कहना है कि नकली किताबों से छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य बुक डिपो संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *