झारखंड कैबिनेट की साल की पहली बैठक, 30 प्रस्तावों को मंजूरी

Cabinet Decisions

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अहम बैठक

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रिपरिषद की साल की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुल 30 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने प्रेस वार्ता कर इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट के निर्णय शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और विधायी प्रक्रियाओं से जुड़े हैं, जिनका सीधा उद्देश्य राज्य का समग्र विकास और जनकल्याण है।

झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि बढ़ी
कैबिनेट ने झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि को 13 नवंबर 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी। इससे आयोग को राज्य में कानूनी सुधारों, कानूनों की समीक्षा और आवश्यक सिफारिशों पर निरंतर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

जमशेदपुर महिला महाविद्यालय में पदों का पुनर्गठन
कैबिनेट ने जमशेदपुर महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इससे कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

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‘नारी अदालत’ योजना को हरी झंडी
मिशन शक्ति के तहत ‘नारी अदालत’ योजना शुरू करने को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों और सामाजिक विवादों की सुनवाई महिला समूहों द्वारा की जाएगी।

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शुरुआती चरण में यह योजना रांची सहित राज्य के 10 जिलों की 10 पंचायतों में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को न्याय के करीब लाना और स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौते की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

बजट सत्र की तारीखें तय
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक आहूत करने की स्वीकृति दी। इसी सत्र में राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा।

द्वितीय अनुपूरक व्यय को मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए द्वितीय अनुपूरक व्यय की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।

राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन
कैबिनेट ने राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत अब लाभार्थियों को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।

इसके साथ ही विधानसभा कर्मियों के लिए यह स्वास्थ्य बीमा योजना वैकल्पिक (ऐच्छिक) कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से कर्मचारियों और आम नागरिकों दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

फैसलों को शीघ्र लागू करने के निर्देश
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत प्रस्तावों को तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाए। बैठक में विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और विकास से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया, जिन्हें झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए अहम माना जा रहा है।

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