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असम चुनाव के बाद झारखंड पर BJP की नजर? ‘ऑपरेशन लोटस’ पर चर्चा तेज

Operation Lotus Jharkhand

असम चुनाव के बाद BJP का बड़ा बयान, कांग्रेस बोली—“ये घबराहट है”

रांची: असम विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव मैदान में उतरी झारखंड मुक्ति मोर्चा भले ही कोई सीट जीतने में सफल नहीं रही, लेकिन उसके प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अब इस चुनावी नतीजे को लेकर झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने JMM के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संकेत दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने इसे बीजेपी की “घबराहट” बताया है।

असम में पहली बार उतरी JMM
JMM ने असम विधानसभा चुनाव में पहली बार 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी को कुल वोटों का करीब 1.16 प्रतिशत समर्थन मिला। हालांकि पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन दो सीटों पर दूसरे स्थान पर रही और कई सीटों पर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया। माजबात सीट पर JMM उम्मीदवार प्रीति रेखा बारला को 29,172 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं गोसाईगांव सीट पर फेडरिकसन हांसदा को 21,417 वोट मिले।

BJP का हमला—“कांग्रेस की लंका लगा दी”
असम चुनाव के बाद बीजेपी नेताओं ने JMM के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि JMM ने असम में कांग्रेस का वोट बैंक काट दिया और उसकी “लंका लगा दी।” इसी बयान के साथ झारखंड की राजनीति को लेकर भी संकेत दिए गए, जिसके बाद ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा तेज हो गई।

क्या है ‘ऑपरेशन लोटस’?
भारतीय राजनीति में ‘ऑपरेशन लोटस’ शब्द का इस्तेमाल उस रणनीति के लिए किया जाता है, जिसमें विपक्षी दलों के विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने की कोशिश की जाती है। बीजेपी पर पहले भी कई राज्यों में इस तरह की रणनीति अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। अब असम चुनाव के बाद झारखंड में भी इसी तरह की राजनीतिक हलचल की चर्चा शुरू हो गई है।

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कांग्रेस ने कहा—“BJP घबराई हुई है”
कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह उनकी घबराहट को दर्शाता है। कांग्रेस का कहना है कि असम में JMM की मौजूदगी से आदिवासी वोटों में नई राजनीतिक चेतना आई है और बीजेपी इससे परेशान है।

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हेमंत सोरेन ने जताया आभार
हेमंत सोरेन ने चुनाव परिणाम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट लिखकर असम की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और कम समय के बावजूद JMM ने असम में अपनी राजनीतिक पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। हेमंत सोरेन ने इसे पार्टी के लिए सकारात्मक शुरुआत बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

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कल्पना सोरेन ने भी संभाला मोर्चा
चुनाव प्रचार के दौरान कल्पना सोरेन ने भी कई क्षेत्रों में प्रचार किया। विशेष रूप से चाय बागान और आदिवासी बहुल इलाकों में JMM ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की।

सीटें नहीं, लेकिन बढ़ा राजनीतिक प्रभाव
विश्लेषकों का मानना है कि भले ही JMM सीट जीतने में सफल नहीं हुई, लेकिन उसका प्रदर्शन आने वाले समय में पूर्वोत्तर राजनीति में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। दूसरी ओर बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बढ़ती बयानबाजी ने झारखंड की राजनीति को भी गर्मा दिया है।

असम चुनाव में JMM की एंट्री ने सिर्फ पूर्वोत्तर की राजनीति नहीं बदली, बल्कि झारखंड में भी नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा शुरू कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के ‘ऑपरेशन लोटस’ वाले संकेत महज राजनीतिक बयान हैं या आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में कोई बड़ा घटनाक्रम देखने को मिलेगा।

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