गढ़वा में छात्रा की मौत के बाद शिक्षिका द्रौपदी मिंज का तबादला, शिक्षा विभाग ने गठित की चार सदस्यीय जांच समिति
गढ़वा में छात्रा की मौत से मचा हड़कंप
गढ़वा: गढ़वा जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला परियोजना प्लस टू उच्च विद्यालय बड़गाढ़ से जुड़ा है, जहां कथित रूप से शिक्षिका द्रौपदी मिंज की पिटाई के बाद दसवीं की छात्रा दिव्या कुमारी की तबीयत बिगड़ गई थी और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई — शिक्षिका का तबादला
जैसे ही मामला तूल पकड़ने लगा, शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी शिक्षिका द्रौपदी मिंज का स्थानांतरण रंका परियोजना विद्यालय में कर दिया गया। साथ ही विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अगुवाई महिला बीईइओ कर रही हैं। जांच टीम विद्यालय पहुंची और पूरे मामले की गहराई से पड़ताल शुरू की। टीम ने शिक्षकों, छात्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान लिए और घटना से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्र किए।
चार सदस्यीय जांच समिति ने संभाली जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग की जांच समिति का उद्देश्य है कि यह पता लगाया जाए कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने की वजह वास्तव में क्या थी और किन परिस्थितियों में घटना घटी। समिति को निर्धारित समयसीमा में अपनी रिपोर्ट जमा करनी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्रामीणों में उबाल — सड़क जाम कर प्रदर्शन
दिव्या की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीण और परिजन उग्र हो उठे। उन्होंने शव के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और दोषी शिक्षिका को निलंबित करने की मांग की। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ा। प्रदर्शन के कारण आवागमन बाधित हुआ और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद तय होगी सख्त कार्रवाई
गढ़वा डीसी के निर्देश पर मेडिकल टीम ने छात्रा का पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में कराया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग और प्रशासन की ओर से अगली कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि स्कूलों में शारीरिक दंड पर रोक के बावजूद ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं।
अनुशासित छात्रा थी दिव्या, चप्पल पहनकर आने पर हुई थी पिटाई
विद्यालय के शिक्षकों और सहपाठियों ने बताया कि दिव्या एक अनुशासित और पढ़ाई में अव्वल छात्रा थी। जिस दिन वह स्कूल में जूते की जगह चप्पल पहनकर आई थी, उसी दिन शिक्षिका ने उसे कक्षा के सामने डांटा और पीटा था। पिटाई के बाद दिव्या की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने झारखंड में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और पिटाई की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
शिक्षा विभाग ने पारदर्शी जांच का दिया आश्वासन
गढ़वा के शिक्षा पदाधिकारियों ने घटना पर दुख जताया और कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। दोषी पाए जाने पर शिक्षिका के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
बच्चों पर शारीरिक दंड को लेकर सख्त हैं दिशा-निर्देश
राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि सरकारी और निजी विद्यालयों में छात्रों को किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद इस प्रकार के मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर नियमों का पालन नहीं हो रहा।
न्याय की मांग तेज — निगाहें जांच रिपोर्ट पर
फिलहाल पूरा जिला गम और गुस्से में है। सामाजिक संगठनों और अभिभावकों ने सरकार से दोषी शिक्षिका पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, सभी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि शिक्षिका द्रौपदी मिंज के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई किस स्तर तक की जाएगी।






