Chatra News: चतरा में करोड़ों की जमीन घोटाला: हाई कोर्ट के आदेश पर सीओ, सीआई समेत 10 लोगों पर FIR

Chatra Land Scam

फर्जी म्यूटेशन का आरोप

चतरा: झारखंड के चतरा जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर कथित फर्जीवाड़ा और कब्जे की कोशिश का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर चतरा सदर थाना में अंचल अधिकारी (सीओ), अंचल निरीक्षक (सीआई), राजस्व कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और कथित भू-माफियाओं समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सदर थाना कांड संख्या 234/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अवैध रूप से जमीन का म्यूटेशन कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता फियाज अहमद ने आरोप लगाया था कि उनकी खरीदी हुई जमीन को सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पहले स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2026 में झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया।

किन-किन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
हाई कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज एफआईआर में कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन अंचल अधिकारी अनिल कुमार, अंचल निरीक्षक विरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार के अलावा हीरा कुमार, मनोज कुमार, मुकेश कुमार, उदय कुमार, साबरा खातून और सलमा खातून के नाम शामिल हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

क्या है पूरा विवाद
मामला चतरा शहर के नगवां मोहल्ला स्थित लगभग 26 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता फियाज अहमद के अनुसार, यह जमीन खाता संख्या 136 के प्लॉट संख्या 824 और 825 में दर्ज है। सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि मोहम्मद कलीमुल्लाह के नाम दर्ज है और नियमित रूप से उसका लगान भी जमा किया जाता रहा है। फियाज अहमद का दावा है कि उन्होंने यह जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत मोहम्मद एकराम से खरीदी थी। खरीदारी के बाद से वह इस जमीन पर कब्जे में हैं और सुरक्षा के लिए चारदीवारी भी बनवा चुके हैं।

munadi live whattsapp banne.jpg

फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और म्यूटेशन का आरोप
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। शिकायत के अनुसार, पहले कथित तौर पर एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई, जिसके आधार पर जमीन को मुकेश कुमार और उदय कुमार के नाम बेच दिया गया।

resizone elanza

Telegram channel

इसके बाद अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी अभिलेखों और ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) भी स्वीकृत कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं थी।

कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जी म्यूटेशन के बाद आरोपी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए बाउंड्री वॉल तोड़ने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उन्हें जमीन छोड़ने तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने शुरू की जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान भूमि से जुड़े मूल अभिलेख, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया, ऑनलाइन रिकॉर्ड में हुए बदलाव, संबंधित दस्तावेजों की वैधता और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कई सवालों के घेरे में भूमि प्रशासन
यह मामला सामने आने के बाद भूमि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल जमीन हड़पने का मामला नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण माना जाएगा। फिलहाल पुलिस हाई कोर्ट के निर्देश के तहत पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जीवाड़े में किसकी क्या भूमिका थी और किन लोगों के खिलाफ आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *