झारखंड में नक्सलवाद को सबसे बड़ा झटका! 33 लाख के इनामी समेत 27 उग्रवादियों ने डाले हथियार
राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने किया सरेंडर, भारी मात्रा में हथियार भी बरामद
रांची: Jharkhand में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राज्य गठन के बाद पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी संगठन के उग्रवादी शामिल हैं। इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सभी के खिलाफ मिलाकर 426 से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई
Central Reserve Police Force, Jharkhand Police और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त रणनीति का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने से सारंडा क्षेत्र में सक्रिय दो दर्जन से अधिक नक्सली जंगल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी नक्सलियों ने आधिकारिक रूप से आत्मसमर्पण किया।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे। बरामद हथियारों में शामिल हैं:
- 1 लाइट मशीन गन (LMG)
- 5 इंसास राइफल
- 9 एसएलआर राइफल
- 1 बोल्ट एक्शन राइफल
- 1 पिस्टल
- 31 मैगजीन
- 3000 जिंदा कारतूस
किन पदों के नक्सलियों ने किया सरेंडर
- 7 जोनल कमांडर
- 7 एरिया कमांडर
- 13 सक्रिय कैडर
5-5 लाख के इनामी भी शामिल
सरेंडर करने वालों में कई बड़े इनामी नक्सली शामिल हैं, जिनमें:
- गादी मुंडा उर्फ गुलशन
- नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात
- रेखा मुंडा उर्फ जयंती
- सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल
- दर्शन उर्फ बिंज हांसदा
- सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा
इन सभी पर 5-5 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था।
123 मामलों वाला नक्सली भी शामिल
सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल के खिलाफ अकेले चाईबासा जिले में 123 मामले दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य नक्सलियों पर हत्या, विस्फोट, रंगदारी, पुलिस मुठभेड़ और हथियार अधिनियम से जुड़े गंभीर मामले दर्ज हैं।
JJMP के उग्रवादियों ने भी किया सरेंडर
Jharkhand Jan Mukti Parishad (JJMP) संगठन के दो सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण किया है।
इनमें:
- सचिन बैक
- श्रवण गोप शामिल हैं। सचिन बैक पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सारंडा अभियान का बड़ा असर
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सारंडा और आसपास के इलाकों में लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और विकास योजनाओं का असर अब दिखने लगा है। सरेंडर करने वाले कई नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने और सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई है।
नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
झारखंड में इसे नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक सरेंडर कार्रवाई माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना है।






