ट्रेजरी घोटाले में बड़ा धमाका! अकाउंटेंट ने खोले ‘ऊपर तक’ पहुंचने वाले पैसों के राज

Bokaro Treasury Scam

ई-कुबेर सिस्टम में छेड़छाड़ कर करोड़ों की निकासी का आरोप, पत्नी और मां के खातों में ट्रांसफर हुए पैसे

रांची/बोकारो: Bokaro के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार बोकारो पुलिस कार्यालय के अकाउंटेंट कौशल पांडे ने एसआईटी पूछताछ में कई अहम राज खोले हैं। सूत्रों के अनुसार, कौशल पांडे ने जांच टीम के सामने स्वीकार किया है कि यह फर्जीवाड़ा किसी एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे।

“ऊपर से नीचे तक चलता था कमीशन का खेल”
बताया जा रहा है कि आरोपी ने पूछताछ में कहा है कि इस घोटाले में “ऊपर से नीचे तक” कमीशन का खेल चलता था। इसी वजह से लंबे समय तक करोड़ों रुपये की गड़बड़ी बिना किसी रोक-टोक के जारी रही। अब उसके बयान के बाद विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर जांच की आंच पहुंच सकती है।

लगातार दूसरे दिन SIT की पूछताछ
एसआईटी अधिकारी नेहा बाला और नरेश सिन्हा लगातार दूसरे दिन भी आरोपी कौशल पांडे से पूछताछ कर रहे हैं। साइबर थाना में तीन दिन की रिमांड पर लाए गए कौशल पांडे से पहले भी कई दौर की पूछताछ हो चुकी थी, लेकिन तब वह जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। हालांकि इस बार उसने पैसों के लेनदेन और कमीशन नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां स्वीकार कर ली हैं।

साइबर फ्रॉड नहीं, सुनियोजित वित्तीय घोटाला
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला सामान्य साइबर ठगी नहीं, बल्कि सरकारी वित्तीय प्रणाली में सुनियोजित तरीके से की गई बड़ी हेराफेरी है। आरोप है कि कौशल पांडे ने ई-कुबेर बिल मैनेजमेंट सिस्टम में तकनीकी छेड़छाड़ कर सरकारी खजाने से अवैध निकासी की।

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रिटायर्ड हवलदार के नाम का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा मृत और रिटायर हो चुके कर्मचारियों की जन्मतिथि, बैंक खातों और अन्य जरूरी डेटा में बदलाव कर फर्जी भुगतान किए गए।

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63 बार हुई फर्जी निकासी
तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच करीब 63 बार फर्जी तरीके से सरकारी राशि निकाली गई। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी होने की आशंका जताई जा रही है।

पत्नी और मां के खातों में गया पैसा
जांच एजेंसियों के मुताबिक सरकारी खाते से निकाली गई रकम कौशल पांडे ने अपनी पत्नी अनु पांडे और अपनी मां के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। अब एसआईटी पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

कई बड़े नाम आने की संभावना
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आ सकते हैं। एसआईटी अब दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। इस बहुचर्चित घोटाले ने सरकारी वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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