रूसी तेल पर फिर मिली अमेरिकी छूट, क्या अब थमेंगे पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम?

Russian Oil Sanctions Relief

17 जून तक जारी रहेगी राहत, भारत को मिलेगी भरपूर सप्लाई; तेल संकट की आशंका फिलहाल टली

नई दिल्ली: United States ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत समेत कई देशों को एक बार फिर राहत दे दी है। 18 मई को जारी नए आदेश के तहत समुद्री रास्ते से पहले से मौजूद रूसी तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में छूट को 17 जून तक बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि देश अपनी कुल तेल जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा Russia से आयात कर रहा है।

क्या सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राहत के बाद भारत में तेल सप्लाई सामान्य बनी रह सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कुछ कम हो सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अभी भी पश्चिम एशिया तनाव के कारण ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत में हाल के दिनों में दो चरणों में करीब 3.90 रुपये प्रति लीटर तक पेट्रोल-डीजल महंगा हो चुका है।

अब नई राहत मिलने के बाद कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Adiwasi Mahotsav

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बड़ी राहत
Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की सक्रियता के कारण दुनिया तेल संकट की आशंका से जूझ रही है। कई देशों में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे समय में अमेरिका की यह राहत भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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भारत ने साफ किया अपना रुख
भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि अमेरिकी छूट समाप्त भी होती है, तब भी भारत रूस से तेल खरीद जारी रखेगा। सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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पहले भी मिल चुकी है राहत
न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने:

  • 5 मार्च 2026 को पहली बार एक महीने की राहत दी थी
  • 11 अप्रैल तक छूट जारी रही
  • फिर 17 अप्रैल को दोबारा राहत बढ़ाई गई
  • अब 18 मई को इसे फिर एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है

United States Department of the Treasury ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है।

रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वालों में भारत
energyandcleanair.org के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में भारत रूस से तेल और अन्य ईंधन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना था। उस दौरान भारत ने रूस से करीब 24,700 करोड़ रुपये मूल्य का तेल, कोयला और अन्य ईंधन खरीदा था।

जामनगर रिफाइनरी का भी असर
रिपोर्ट के अनुसार जब जामनगर रिफाइनरी ने रूसी कच्चे तेल की खरीद कम की, तब रूस से तेल आयात लगभग 12 प्रतिशत घट गया। इसकी भरपाई के लिए भारत को इराक से 14 प्रतिशत अधिक तेल खरीदना पड़ा। फिर भी भारत ने रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा खरीदा।

फिलहाल टली तेल संकट की बड़ी आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राहत से फिलहाल भारत में तेल संकट की आशंका काफी हद तक टल गई है। यदि आने वाले हफ्तों में पश्चिम एशिया का तनाव और नहीं बढ़ता, तो भारत में ईंधन सप्लाई और कीमतों की स्थिति नियंत्रण में रह सकती है।

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