राहुल बोले- टाटा ग्रुप को बर्बाद किया जा रहा, सीतारमण का पलटवार- हर मामले पर राजनीति न करें
इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं है: राहुल गांधी
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के प्रतिष्ठित टाटा ग्रुप को बर्बाद किया जा रहा है और भारतीय कारोबार को सरकार का “खिलौना” नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके जवाब में निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हर मामले को राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए।
राहुल गांधी ने टाटा ग्रुप को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने टाटा ग्रुप से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय कारोबार को सरकार के नियंत्रण या राजनीतिक प्रभाव का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने टाटा जैसे बड़े भारतीय कारोबारी समूह के भविष्य को लेकर चिंता जताई और आरोप लगाया कि जिस समूह ने लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने अपने बयान में सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “इंडियन बिजनेस सरकार का खिलौना नहीं है।”
निर्मला सीतारमण ने किया पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की पुरानी आर्थिक नीतियों का हवाला दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस को “लाइसेंस-कोटा राज” याद है? सीतारमण का इशारा उस दौर की ओर था जब उद्योगों के लिए लाइसेंस, परमिट और सरकारी नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। वित्त मंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया और कहा कि हर मामले को राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
‘लाइसेंस-कोटा राज’ का जिक्र क्यों अहम?
सीतारमण के पलटवार में “लाइसेंस-कोटा राज” का जिक्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की उस पुरानी आर्थिक व्यवस्था को संदर्भित करता है, जिसमें उद्योगों और कारोबार के लिए सरकारी अनुमति और नियंत्रण की भूमिका काफी अधिक थी। केंद्र सरकार की ओर से अक्सर यह तर्क दिया जाता रहा है कि 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद भारत ने लाइसेंस और नियंत्रण आधारित व्यवस्था से निकलकर उदारीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया।
टाटा ग्रुप को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
टाटा ग्रुप देश के सबसे बड़े और पुराने कारोबारी समूहों में शामिल है। ऐसे में समूह से जुड़ा कोई भी बड़ा मुद्दा राजनीतिक और कारोबारी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन जाता है। राहुल गांधी का आरोप है कि भारतीय कारोबार को सरकारी प्रभाव से मुक्त और स्वतंत्र माहौल मिलना चाहिए, जबकि निर्मला सीतारमण ने उनके बयान को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय कांग्रेस की पिछली आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाकर जवाब दिया है।
दोनों नेताओं के बयानों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सरकार, उद्योग और कारोबारी स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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