RSS कार्यालय बम हमला केस में ED की बड़ी कार्रवाई, 4 राज्यों में छापेमारी
रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर जून में हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
दिल्ली, झारखंड, बिहार और कर्नाटक में तलाशी
रांची: रांची स्थित RSS के प्रांतीय कार्यालय पर जून 2026 में हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीमें दिल्ली, झारखंड, बिहार और कर्नाटक में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। एजेंसी की यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज मामले को आधार बनाकर कथित मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच के तहत की जा रही है। NIA की आधिकारिक केस सूची में भी रांची RSS कार्यालय मामले को RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में दर्ज किया गया है। NIA के मुताबिक, मामले में रांची स्थित RSS कार्यालय परिसर की ओर दो अज्ञात लोगों द्वारा बम फेंके जाने की जांच की जा रही है।
चार राज्यों में ED का एक्शन
गुरुवार सुबह शुरू हुई ED की कार्रवाई को इस मामले में अब तक की महत्वपूर्ण वित्तीय जांच के तौर पर देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एजेंसी दिल्ली, झारखंड, बिहार और कर्नाटक में संदिग्धों और उनसे जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है। ED की जांच का फोकस कथित तौर पर पैसों के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और संभावित मनी ट्रेल पर है। तलाशी के दौरान दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। झारखंड में इस कार्रवाई का कनेक्शन लोहरदगा से भी बताया जा रहा है। इससे पहले इसी मामले की जांच में NIA ने लोहरदगा में कई ठिकानों पर तलाशी ली थी।
NIA केस बना ED की जांच का आधार
ED की कार्रवाई का मूल आधार NIA का वह मामला है, जिसे रांची में RSS कार्यालय पर हुए हमले के बाद दर्ज किया गया था। NIA की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज केस के अनुसार, रांची के RSS कार्यालय परिसर की ओर दो अज्ञात व्यक्तियों ने बम फेंके थे। इसी मामले को बाद में NIA ने अपने हाथ में लेकर व्यापक जांच शुरू की। ED अब इसी मूल अपराध से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले से जुड़े लोगों के बीच किसी तरह का संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क या फंडिंग का रास्ता था या नहीं।
जून में आधी रात हुआ था हमला
रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की रात/17 जून की शुरुआती रात पेट्रोल बम फेंके गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, दो पेट्रोल बम कार्यालय परिसर की ओर फेंके गए थे। एक बम छत पर गिरा और आग लगी, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार के पास गिरा। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। घटना के बाद जांच पहले स्थानीय पुलिस और फिर अन्य सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर आगे बढ़ी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी
मामले में अब तक सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान समेत आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है। NIA ने आरोपियों से पूछताछ कर उनके संपर्कों और कथित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई है। जांच का दायरा रांची से बाहर भी बढ़ा है। सितंबर में NIA ने पटना में दो फ्लैटों पर भी तलाशी ली थी। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी इस मामले में स्थानीय सहयोग, वित्तीय मदद और कथित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
अब ED खंगाल रही पैसों का नेटवर्क
RSS कार्यालय हमले की जांच में सामने आए कथित वित्तीय लेनदेन अब ED की जांच के केंद्र में हैं। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि **पैसा कहां से आया, किसके बीच ट्रांसफर हुआ और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। चार राज्यों में एक साथ चल रही तलाशी के कारण मामले का वित्तीय पहलू अब जांच के प्रमुख हिस्सों में शामिल हो गया है। फिलहाल ED की तलाशी जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।
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