झारखंड में खाद्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती, बनेंगे 11 नए गोदाम; 11 हजार MT बढ़ेगी भंडारण क्षमता
सरकार ने नए गोदामों के लिए जारी किया फंड, 15 पुराने गोदामों की भी होगी मरम्मत
60 करोड़ रुपये का संयुक्त बजट
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में जल्द ही 11 नए खाद्यान्न गोदाम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 15 पुराने गोदामों की मरम्मत का काम भी जारी है। इस पूरी योजना से राज्य की खाद्यान्न भंडारण क्षमता में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।सरकार की योजना के तहत नए गोदाम तैयार होने के बाद राज्य में करीब 11,000 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होगी। खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण के लिए सरकार ने इस योजना के लिए पहले ही फंड जारी कर दिया है।
60 करोड़ रुपये का संयुक्त बजट
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने नए गोदामों के निर्माण और पुराने गोदामों की मरम्मत को मिलाकर 60 करोड़ रुपये का संयुक्त बजट रखा है। योजना का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध भंडारण व्यवस्था को बेहतर बनाना और खाद्यान्न को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। नए गोदामों के निर्माण के साथ पुराने भंडारण केंद्रों की मरम्मत से सरकारी खाद्यान्न के रखरखाव की व्यवस्था को और बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
अनाज की बर्बादी रोकने पर जोर
सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य खाद्यान्न की बर्बादी को रोकना है। पर्याप्त और सुरक्षित भंडारण क्षमता नहीं होने की स्थिति में बारिश, नमी और खराब मौसम के कारण अनाज खराब होने का खतरा रहता है। नई भंडारण क्षमता तैयार होने के बाद अनाज को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण खाद्यान्न को होने वाले नुकसान को कम करने की उम्मीद है।
PDS दुकानों तक समय पर पहुंचेगा राशन
गोदामों की संख्या और भंडारण क्षमता बढ़ने का सीधा असर जन वितरण प्रणाली (PDS) पर भी पड़ सकता है। पर्याप्त भंडार उपलब्ध रहने से राशन की आपूर्ति को व्यवस्थित तरीके से बनाए रखने में मदद मिलेगी।सरकार का लक्ष्य है कि जरूरत के मुताबिक खाद्यान्न को समय पर PDS दुकानों तक पहुंचाया जा सके, जिससे राशन वितरण व्यवस्था में किसी तरह की रुकावट की संभावना कम हो। इसका लाभ राज्य के उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा, जो सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर हैं।
आपात स्थिति में भी नहीं होगी अनाज की कमी
भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी का एक महत्वपूर्ण फायदा यह भी होगा कि किसी आपात स्थिति में राज्य के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार उपलब्ध रहेगा। सरकार की योजना से खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। 11 नए गोदामों और 15 पुराने गोदामों की मरम्मत के जरिए झारखंड में खाद्यान्न भंडारण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। अगर योजना निर्धारित समय के अनुसार पूरी होती है, तो राज्य में खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, आपूर्ति और वितरण की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।




