JPSC-JSSC विवाद पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, संदिग्ध नियुक्तियों की जांच और बर्खास्तगी की मांग
















रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मरांडी ने मुख्यमंत्री से कथित तौर पर संदिग्ध तरीके से चयनित और बहाल लोगों को पदमुक्त करने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों सोशल मीडिया पर JPSC-JSSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर कुछ नाम तेजी से सामने आ रहे हैं। इनमें ‘मनीष भैया’ समेत अन्य नामों का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर नियुक्तियों में धांधली और गैर-कानूनी तरीके से चयन किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
संदिग्ध नियुक्तियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह मामला निश्चित रूप से मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी आया होगा। ऐसे में नीति और न्याय का तकाजा है कि सरकार तत्काल प्रभाव से ऐसे सभी संदिग्ध लोगों को पदमुक्त करे। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की तुरंत निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने की मांग की है। मरांडी का कहना है कि जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो गलत तरीके से चयनित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।


















‘आरोप सही मिले तो दोषियों को जेल भेजें’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि जांच में आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई सामने आती है, तो गलत तरीके से चयनित दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें अविलंब जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी केवल कुछ अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि इससे पूरी परीक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
‘छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा वापस लाना जरूरी’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC-JSSC मामले को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर आंदोलन कर रहे छात्रों का व्यवस्था पर टूटता भरोसा वापस लाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि संदिग्ध नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सरकार की ओर से भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
सरकार पर साधा निशाना
मरांडी ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस मामले पर चुप्पी साधती है और कार्रवाई नहीं करती है, तो राज्य का युवा और आम जनमानस यह सवाल उठाएगा कि आखिर सरकार इस पूरे प्रकरण पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों के मन में सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बयान महत्वपूर्ण
गौरतलब है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्र आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई समेत कई मांगें उठा रहे हैं। ऐसे समय में बाबूलाल मरांडी की ओर से मुख्यमंत्री से संदिग्ध नियुक्तियों पर तत्काल कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।




















