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साइबर अपराधियों तक पहुंच रहे थे फर्जी SIM! बोकारो में 2 POS एजेंट गिरफ्तार

Bokaro Cyber __Crime

पुलिस का दावा- दूसरे लोगों के आधार और फिंगरप्रिंट से SIM एक्टिवेट कर अपराधियों को देते थे, हर SIM पर मिलते थे ₹800

बोकारो: बोकारो में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो POS एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों पर आरोप है कि वे फर्जी तरीके से SIM कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। जांच में जुलाई से अगस्त के बीच 182 से ज्यादा SIM कार्ड उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। मामला बोकारो के बरमसिया ओपी क्षेत्र से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप दास और मुकेश गोप के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों SIM उपलब्ध कराने के बदले प्रति SIM पैसे लेते थे।

180 से ज्यादा SIM साइबर अपराधियों को देने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार प्रदीप दास ने जुलाई से अगस्त के बीच 140 से अधिक SIM कार्ड, जबकि मुकेश गोप ने 42 SIM कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए। इस तरह दोनों पर कुल 182 से अधिक SIM कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक प्रत्येक SIM के बदले दोनों को करीब 800 रुपये मिलते थे। इस तरह SIM उपलब्ध कराने के पीछे आर्थिक लाभ मुख्य वजह बताई जा रही है।

दूसरे लोगों के आधार और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल
ASP चास वेदांत शंकर के अनुसार, दोनों POS एजेंट दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर SIM एक्टिवेट करते थे। पुलिस का आरोप है कि SIM एक्टिवेट होने के बाद इन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन SIM कार्ड का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया। पुलिस के अनुसार ऐसे SIM का इस्तेमाल फर्जी बैंक या अन्य अकाउंट तैयार करने, फोन के जरिए लोगों से ठगी करने और दूसरी आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

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पूछताछ में सामने आए तीन और नाम
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने कुछ अन्य नाम भी आए हैं। पुलिस के अनुसार पमित माहथा, राहुल कुमार और विवेक चौधरी को SIM उपलब्ध कराने की बात पूछताछ में सामने आई है। इन लोगों की भूमिका क्या है और क्या इनका साइबर अपराधियों से सीधा संपर्क था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का फोकस अब केवल गिरफ्तार दोनों POS एजेंटों तक सीमित नहीं है। जांच टीम SIM उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क और इसके जरिए साइबर अपराध करने वाले लोगों के बीच कनेक्शन का पता लगाने में जुटी है।

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दो मोबाइल और चार SIM कार्ड बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और चार SIM कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल में Samsung Galaxy A17 5G और Realme 12X 5G शामिल हैं। बरामद SIM कार्ड और मोबाइल की तकनीकी जांच भी की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन मोबाइल और SIM कार्ड से किन लोगों से संपर्क किया गया और इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता था।

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साइबर थाना में मामला दर्ज
मामले में साइबर थाना कांड संख्या 39/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS, IT Act और Telecom Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई केवल ठगी करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी। साइबर अपराधियों को SIM, बैंक अकाउंट या अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है।

SIM सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
बोकारो साइबर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 182 से ज्यादा SIM कार्ड किन लोगों तक पहुंचे और इनका इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गिरफ्तार दोनों एजेंट किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और बरामद डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार जांच आगे बढ़ने पर SIM सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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