JPSC-JSSC आंदोलन फिर तेज: विधानसभा के सामने डटे छात्र, राहुल गांधी बोले- बल प्रयोग गलत

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा की चौखट तक पहुंचने के बाद अब और तेज हो गया है। आंदोलनकारी छात्र विधायक आवास से निकलकर विधानसभा के सामने डटे हुए हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि अब वे यहीं धरना देंगे और जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा के आसपास छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल की तैनाती के साथ कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
छात्र बोले- मांग पूरी होने तक नहीं हटेंगे
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं हुआ है। यही वजह है कि उन्होंने विधानसभा के सामने ही धरना जारी रखने का फैसला किया है। छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ी है। जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, वे प्रदर्शन स्थल से हटने वाले नहीं हैं।

राहुल गांधी ने बल प्रयोग पर उठाए सवाल
इस बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।”
राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई जगह तनाव की स्थिति बनी और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की खबरें सामने आईं।

26 साल में पहली बार विधानसभा परिसर तक पहुंचा छात्र आंदोलन
सोमवार का प्रदर्शन झारखंड के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य गठन के 26 साल के इतिहास में पहली बार छात्रों के विधानसभा परिसर तक पहुंचकर प्रदर्शन करने की घटना सामने आई है। JPSC-JSSC विवाद को लेकर बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया, लेकिन प्रदर्शनकारी कई बैरिकेडिंग पार करते हुए विधानसभा के करीब तक पहुंच गए। इसके बाद विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी।

तिरंगे में लिपटे स्ट्रेचर पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तस्वीर भी चर्चा में रही। बारिश के बावजूद वे विधानसभा के सामने धरने पर डटे रहे।महतो तिरंगे में खुद को लपेटकर अस्पताल के स्ट्रेचर पर बैठे नजर आए। बताया गया कि वे पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने की बात कही। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जब तक छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक फैसला लेने की अपील की।
बारिश के बीच स्ट्रेचर पर तिरंगे में लिपटे महतो की तस्वीर ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और आंदोलन की गंभीरता को एक बार फिर सामने ला दिया।
सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती
एक तरफ विधानसभा के सामने छात्रों का धरना जारी है, दूसरी तरफ विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। राहुल गांधी के बयान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि आंदोलनकारी छात्रों के साथ संवाद का रास्ता कैसे खोला जाए और लंबे समय से चले आ रहे JPSC-JSSC विवाद का ठोस समाधान कैसे निकाला जाए। फिलहाल छात्र विधानसभा के सामने डटे हैं और उनका स्पष्ट संदेश है—मांगों पर फैसला नहीं, तो आंदोलन खत्म नहीं।







