Jharkhand SIR: मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने पर बढ़ी हलचल, 15 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
फॉर्म-7 से 4,609 आपत्तियां, फॉर्म-6 के जरिए 4.39 लाख से ज्यादा आवेदन
19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
रांची : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर दावा-आपत्तियां सामने आ रही हैं। अब तक फॉर्म-7 के माध्यम से 4,609 दावा-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले जाने, एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने, कम उम्र और भारतीय नागरिक नहीं होने जैसे आधारों पर नाम हटाने की मांग की गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, SIR के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 है। इसके बाद प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और नियमानुसार उनका निस्तारण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 अक्टूबर 2026 को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
फॉर्म-7 से नाम हटाने को लेकर 4,609 आपत्तियां
SIR के दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर फॉर्म-7 के जरिए अब तक 4,609 दावे-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इन आवेदनों में अलग-अलग कारणों का उल्लेख करते हुए संबंधित मतदाता का नाम हटाने की मांग की गई है। इनमें प्रमुख आधार मृत्यु, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले जाना, पहले से किसी अन्य स्थान पर नाम दर्ज होना, निर्धारित उम्र पूरी नहीं करना या भारतीय नागरिक नहीं होना बताए गए हैं। हालांकि, किसी मतदाता के खिलाफ आपत्ति दाखिल हो जाने मात्र से उसका नाम मतदाता सूची से स्वत: नहीं हटाया जाएगा। संबंधित मामले की जांच और सुनवाई के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
4.39 लाख से ज्यादा लोगों ने नाम जोड़ने के लिए किया आवेदन
दूसरी ओर, मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6 के माध्यम से अब तक 4,39,191 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। इनमें अकेले 11 सितंबर को 15,010 आवेदन आए। फॉर्म-6 का इस्तेमाल उन पात्र नागरिकों द्वारा किया जाता है, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है और वे मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवा भी मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए इसी फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इससे साफ है कि SIR के दौरान एक तरफ जहां सूची से अपात्र या गलत तरीके से दर्ज नामों को लेकर आपत्तियां आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
विदेश में रहने वाले भारतीयों के भी आवेदन
झारखंड में ओवरसीज इंडियन इलेक्टर के रूप में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6A के जरिए अब तक 79 आवेदन प्राप्त हुए हैं। फॉर्म-6A विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता पंजीकरण से संबंधित आवेदन का माध्यम है। प्राप्त आवेदनों की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।
CEO के. रवि कुमार ने साफ किया- नोटिस से नाम नहीं कटता
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान प्राप्त होने वाले सभी दावों और आपत्तियों पर चुनाव आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू हैं। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुआ है, उनका नाम केवल नोटिस मिलने से मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। सभी मामलों में सुनवाई के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। CEO ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार किसी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं जोड़ा जाएगा।
15 सितंबर के बाद क्या होगा?
SIR के तहत 15 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल की जा सकती है। इसके बाद चुनाव अधिकारियों की ओर से प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। जांच और सुनवाई के बाद पात्रता के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे SIR के दौरान अपने नाम और मतदाता सूची में दर्ज विवरण की जांच करते रहें। यदि नाम को लेकर कोई आपत्ति या दावा है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना महत्वपूर्ण होगा।





