12:30 PM तक स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही, JPSC-JSSC पर विपक्ष का जोरदार हंगामा
परीक्षाएं रद्द करने और CBI जांच की मांग पर गरजा विपक्ष

रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से गूंजा। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने वेल में उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। विधानसभा परिसर के बाहर जहां छात्र आंदोलन लगातार जारी है, वहीं अब उसका असर सदन के भीतर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मामले में जवाब देने से बच रही है।
प्रश्नकाल के दौरान लगातार होती रही नारेबाजी
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्षी विधायक “JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करो” और “CBI जांच कराओ” जैसी मांगों को लेकर लगातार हंगामा करते रहे। इस दौरान स्पीकर ने कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्षी विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे।

हंगामे के बीच चलती रही सदन की कार्यवाही
विपक्ष के भारी विरोध और नारेबाजी के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखने का प्रयास किया। मंत्री प्रश्नों के उत्तर देते रहे, जबकि विपक्षी सदस्य वेल में प्रदर्शन करते रहे। हालांकि लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी।
11:17 बजे तक चला हंगामा, कार्यवाही स्थगित
लगातार जारी हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने आखिरकार सुबह 11:17 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी। मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट देखने को मिली। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में भी JPSC-JSSC और छात्र आंदोलन का मुद्दा विधानसभा की कार्यवाही पर हावी रह सकता है।
छात्र आंदोलन का असर अब विधानसभा तक
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्र JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। छात्र विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। अब वही मुद्दा विधानसभा के भीतर भी प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया है। विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर लगातार घेरने की रणनीति बना चुका है, जबकि सरकार जांच और कार्रवाई का दावा कर रही है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासी गर्मी
विधानसभा का मानसून सत्र अभी शुरू ही हुआ है और पहले दिन से ही JPSC-JSSC विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। बाहर छात्र आंदोलन और अंदर विपक्ष के हंगामे के कारण सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मुद्दे पर क्या जवाब देती है और सदन में आगे की कार्यवाही किस दिशा में बढ़ती है।






