रांची में हाई अलर्ट: AISA के विधानसभा मार्च और छात्र आंदोलन को लेकर तीन स्तरीय सुरक्षा, 1,000 पुलिसकर्मी तैनात
आज दोपहर बिरसा चौक से निकलेगा विधानसभा मार्च, 10 अगस्त को छात्रों ने किया विधानसभा घेराव का ऐलान

रांची: झारखंड में JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र और 7 अगस्त को प्रस्तावित AISA के विधानसभा मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
आज दोपहर 2 बजे निकलेगा विधानसभा मार्च
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से आज दोपहर करीब 2 बजे बिरसा चौक से विधानसभा मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में वामपंथी छात्र संगठनों और कई सामाजिक संगठनों के शामिल होने की संभावना है। दूसरी ओर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे आंदोलनरत छात्रों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मार्च का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उन्होंने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

रांची पुलिस ने लागू की तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
संभावित भीड़ और विधानसभा सत्र को देखते हुए रांची पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे सुरक्षा अभियान की कमान रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन संभाल रहे हैं। विधानसभा परिसर, मार्च के रूट और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
6 IPS अधिकारी समेत 1,000 पुलिसकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानसभा परिसर और मार्च के पूरे रूट की निगरानी के लिए 4 आईपीएस अधिकारियों के साथ 2 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में—
- 15 डीएसपी
- 30 इंस्पेक्टर
- 100 दारोगा
- करीब 1,000 पुलिसकर्मी

को तैनात किया गया है। पुलिस बल पूरे रूट पर लगातार निगरानी रखेगा।

जगन्नाथपुर मंदिर से विधानसभा तक कड़ी निगरानी
पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर से लेकर विधानसभा परिसर तक पूरे मार्ग पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। मार्च के दौरान बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और पुलिस पेट्रोलिंग की भी व्यवस्था की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

CCTV कैमरों से होगी हर गतिविधि की निगरानी
विधानसभा परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए पूरे मार्च और प्रदर्शन की गतिविधियों पर रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, दंगा नियंत्रण उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है।
पुलिस ने कहा- पूरी तैयारी, हर गतिविधि पर रहेगी नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरे मार्च और आंदोलन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
सरकार-छात्र वार्ता अब भी अधर में
इस बीच सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच प्रस्तावित वार्ता अब तक शुरू नहीं हो सकी है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना बनी थी, लेकिन कोई अंतिम बैठक नहीं हो पाई। ऐसे में आज का विधानसभा मार्च और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आंदोलन पर पूरे राज्य की नजर
JPSC-JSSC विवाद अब केवल छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। विधानसभा सत्र के दौरान भी विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है, जबकि सरकार कार्रवाई और जांच का दावा कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आज का विधानसभा मार्च किस तरह संपन्न होता है और सरकार तथा आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता कब शुरू होती है।






