विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के कथित अपहरण मामले में बड़ा एक्शन, 5 आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार
7 सितंबर को निजी विश्वविद्यालय के बाहर से सौरभ को जबरन ले जाने का आरोप
CCTV और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस की कार्रवाई
रांची: लोजपा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण और मारपीट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में शामिल बताए जा रहे 5 आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रौनक सिंह राजपूत और प्रकाश गुप्ता समेत पांच लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। जांच के दौरान सामने आए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने कोलकाता में कार्रवाई कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। यह वही मामला है, जिसमें 7 सितंबर को निजी विश्वविद्यालय के सामने सौरभ कुमार के साथ मारपीट कर उन्हें कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने का आरोप लगा था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सौरभ को करीब दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया था।
यूनिवर्सिटी गेट पर विवाद से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, घटना के समय सौरभ कुमार अपने सहपाठियों अमरदीप दुबे, अनमोल और रविशंकर के साथ यूनिवर्सिटी के गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान जूनियर छात्र लक्की राज से अमरदीप की किसी बात को लेकर बहस हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। इसके बाद लक्की राज ने फोन कर कुछ बाहरी युवकों को मौके पर बुलाया।
दो स्कॉर्पियो में पहुंचे 10-12 युवक
सौरभ की शिकायत के मुताबिक, कुछ ही देर में दो काले रंग की स्कॉर्पियो से करीब 10-12 युवक मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने सौरभ के दोस्त अनमोल को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद सौरभ को कथित तौर पर जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर वहां से ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
चलती गाड़ी में गला दबाने का आरोप
सौरभ की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, उन्हें वाहन में ले जाने के दौरान गला दबाया गया। इसके अलावा उनका मोबाइल फोन और करीब 20 ग्राम वजन की सोने की चेन भी छीनने का आरोप है। पुलिस ने घटना के बाद आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
दो घंटे में सकुशल बरामद हुआ था सौरभ
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की थी। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सौरभ को करीब दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया। अब इसी जांच के क्रम में पुलिस ने पांच आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में उनकी क्या भूमिका थी और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे।
पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। कथित अपहरण की योजना किसने बनाई, बाहरी युवकों को किसने बुलाया और घटना के पीछे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोलकाता तक आरोपी कैसे पहुंचे और क्या घटना के बाद सभी आरोपी एक साथ वहां छिपे हुए थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ही मामले में आगे की तस्वीर साफ होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।





