रांची में 2-3 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 230 एब्सट्रैक्ट्स में 57 शोध-पत्र होंगे प्रस्तुत
Ranchi News: मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची प्रबंधन को लेकर 2 और 3 सितंबर 2026 को रांची में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। “Voter Registration and Voter Registers 2026” विषय पर होने वाला यह सम्मेलन नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में आयोजित होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, धुर्वा में प्रेस वार्ता के दौरान सम्मेलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 2 सितंबर को सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक होगा।
देश-विदेश से मिले 230 एब्सट्रैक्ट्स
सम्मेलन का आयोजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखंड की ओर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के सहयोग से किया जा रहा है। वहीं IIM रांची, NUSRL रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। के. रवि कुमार के अनुसार, सम्मेलन के लिए देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों, रिसर्च स्कॉलर्स और निर्वाचन विषय के शिक्षाविदों से शोध-पत्रों के एब्सट्रैक्ट्स आमंत्रित किए गए थे। कुल 230 एब्सट्रैक्ट्स प्राप्त हुए, जिनके मूल्यांकन के बाद 80 एब्सट्रैक्ट्स का चयन किया गया। इसके बाद विषय विशेषज्ञों की समीक्षा और पूरी प्रक्रिया के बाद 57 शोध-पत्रों को अंतिम रूप से चयनित किया गया है। इन शोध-पत्रों को सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषयवार प्रस्तुत किया जाएगा।
मतदाता सूची प्रबंधन पर होगा मंथन
सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची निर्माण से जुड़े प्रशासनिक, कानूनी, सामाजिक, तकनीकी और अकादमिक पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा मतदाता सूची को शुद्ध, समावेशी, अद्यतन और विश्वसनीय बनाए रखने की चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। दो दिनों के तकनीकी एवं अकादमिक सत्रों में मतदाता पंजीकरण, निर्वाचक नामावली प्रबंधन, डिजिटाइजेशन, मतदाताओं की समावेशिता और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, नीति-निर्माता, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, पत्रकार और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
दुनिया के लोकतांत्रिक देशों के अनुभवों पर चर्चा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न लोकतांत्रिक देशों में मतदाता पंजीकरण और मतदाता रजिस्टर की व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन करना है। इसके जरिए अलग-अलग देशों और राज्यों के व्यावहारिक अनुभवों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभव और अकादमिक शोध जब एक साथ आते हैं, तो मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़ी मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।
झारखंड को मिला था शोध का दायित्व
के. रवि कुमार ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा International IDEA की अध्यक्षता ग्रहण करने के बाद भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के क्रम में देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन कार्यालयों को निर्वाचन से जुड़े अलग-अलग विषयों पर शोध का दायित्व दिया गया था। इसी क्रम में झारखंड को “Voter Registration and Voter Registers” विषय पर शोध का दायित्व मिला। इसी शोध और व्यापक अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से रांची में यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
पुस्तक और स्मारिका का होगा लोकार्पण
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान “Voter Registration and Voter Registers” विषय पर पुस्तक और सम्मेलन की स्मारिका का भी लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड, NUSRL, IIM रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षाविदों के साथ निर्वाचन एवं अकादमिक क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। के. रवि कुमार ने कहा कि सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष और सुझाव भविष्य में निर्वाचन प्रबंधन की प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, समावेशी और विश्वसनीय बनाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।






One thought on “रांची में 2-3 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 230 एब्सट्रैक्ट्स में 57 शोध-पत्र होंगे प्रस्तुत”