छात्रों पर लाठीचार्ज के बावजूद राहुल गांधी की चुप्पी शर्मनाक: डॉ. प्रदीप वर्मा

रांची: झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र पिछले कई दिनों से अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय राज्य सरकार उन पर दमन कर रही है। डॉ. प्रदीप वर्मा ने दावा किया कि JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और CBI जांच छात्रों की प्रमुख मांग है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय आंदोलन को दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
तीन बार छात्रों पर बल प्रयोग लोकतंत्र के लिए शर्मनाक
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर तीन बार लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस तथा वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया। डॉ. वर्मा ने कहा कि जिन युवाओं ने सरकारी नौकरी की तैयारी में वर्षों मेहनत की है, उनके भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की।

राहुल गांधी पर साधा निशाना
डॉ. प्रदीप वर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देने वाले राहुल गांधी को झारखंड में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में गठबंधन सरकार के दौरान छात्रों के आंदोलन पर कथित बल प्रयोग के मामले में कांग्रेस नेतृत्व चुप है।
कांग्रेस सरकार पर बनाए दबाव
भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक रुख पर दोबारा विचार करना चाहिए और झारखंड के छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी
डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि भाजपा छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकार और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता के मुद्दे पर पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अब सरकार को यह तय करना है कि वह आंदोलन कर रहे युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाती है या फिर आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव आगे भी जारी रहता है।





