ब्रजेश गंझू की मौत पर TSPC का बंद, 7 जिलों में 3 दिन का आह्वान
संगठन ने वाराणसी मुठभेड़ को फर्जी बताया, 24 से 26 सितंबर तक चतरा समेत सात जिलों में बंद का दावा
चतरा : ब्रजेश गंझू की वाराणसी मुठभेड़ में मौत के बाद प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC ने 24 से 26 सितंबर तक बंद का आह्वान किया है। संगठन ने चतरा समेत सात जिलों में बंद रखने की अपील की है। वहीं, UP ATS के मुताबिक 20 सितंबर को वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान ब्रजेश गंझू ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई।
TSPC ने मुठभेड़ को बताया फर्जी, बंद का ऐलान
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी यानी TSPC ने अपने सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता की वाराणसी में हुई मौत को कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर बताया है। संगठन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में 24 से 26 सितंबर तक तीन दिनों के बंद का आह्वान किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार बंद का असर चतरा के अलावा हजारीबाग, पलामू, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा और गुमला में रहने की बात कही गई है। हालांकि, संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जोनल कमांडर नथुनी के नाम से जारी पत्र
TSPC की ओर से जारी पत्र जोनल कमांडर नथुनी के नाम से बताया गया है। इसमें संगठन ने ब्रजेश गंझू की गिरफ्तारी और बाद में उसकी वाराणसी में हुई मौत को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि 10 सितंबर को ब्रजेश गंझू की रीजनल कमांडर शशिकांत और जोनल कमांडर नथुनी से बातचीत हुई थी। इसके बाद संगठन ने आरोप लगाया है कि 16 सितंबर को केरेडारी के जंगल से ब्रजेश गंझू को पुलिस अपने साथ ले गई थी। संगठन का दावा है कि 17 सितंबर को हजारीबाग और चतरा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की बात कही थी और बाद में 20 सितंबर को वाराणसी में उसे गोली मार दी गई। TSPC ने इसी आधार पर मुठभेड़ की आधिकारिक कहानी पर सवाल उठाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का दावा क्या है?
पुलिस के आधिकारिक पक्ष के अनुसार घटनाक्रम इससे अलग है। 20 सितंबर की सुबह वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में UP ATS और स्थानीय पुलिस की टीम ने ब्रजेश गंझू को रोकने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, ब्रजेश गंझू एक सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से मुगलसराय की ओर जा रहा था। पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उसने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से जवाबी फायरिंग की गई। इस मुठभेड़ में ब्रजेश गंझू घायल हुआ और अस्पताल ले जाने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए गए। ब्रजेश गंझू पर झारखंड सरकार और NIA की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था—झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख और NIA की ओर से 5 लाख रुपये। वह कई मामलों में वांछित था।
परिवार ने भी उठाए सवाल
मुठभेड़ के बाद ब्रजेश गंझू के परिवार ने भी पुलिस के घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। परिवार की ओर से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए जांच एजेंसियों और मानवाधिकार से जुड़े संस्थानों से जांच की मांग की है। इस तरह फिलहाल मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं। पुलिस इसे मुठभेड़ के दौरान हुई जवाबी कार्रवाई बता रही है, जबकि TSPC और परिवार की ओर से घटनाक्रम पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सात जिलों में बंद के ऐलान से सुरक्षा चुनौती
TSPC के घोषित बंद का दायरा सात जिलों तक बताया गया है। चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा और गुमला लंबे समय तक उग्रवाद प्रभावित रहे हैं। ऐसे में 24 से 26 सितंबर के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। खासकर संवेदनशील इलाकों में किसी भी संभावित गतिविधि को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक योजना की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
ब्रजेश की मौत के बाद TSPC पर नजर
ब्रजेश गंझू की मौत के बाद TSPC के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है। मीडिया रिपोर्टों में शशिकांत गंझू का नाम संगठन के के प्रमुख बचे हुए कमांडरों में लिया जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ब्रजेश गंझू की मौत के बाद संगठन किस तरह प्रतिक्रिया देता है और घोषित बंद का जमीनी असर कितना रहता है। वहीं, मुठभेड़ को लेकर लगाए गए आरोपों और पुलिस के आधिकारिक दावे के बीच वास्तविक घटनाक्रम से जुड़े तथ्य आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होंगे।
- 6 वर्षीय अनूप के कान के इलाज के लिए ₹10 लाख की मदद, CM हेमंत सोरेन के निर्देश पर 48 घंटे में मिला चेकमुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत मिला अनुदान, पिता ने जताया आभार नेमरा में लगातार लोगों से मिल रहे मुख्यमंत्री रामगढ़/नेमरा, झारखंड: झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के बेराटांड़ के भरेच नगर निवासी रामकिशुन बेसरा के करीब छह वर्षीय पुत्र अनूप बेसरा के कान के इलाज के लिए ₹10 लाख का…
- ₹466 करोड़ से RIMS का कायाकल्प, 10 नए विभाग खुलेंगे; PG और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगा बड़ा इजाफारांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS), रांची को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में गुरुवार को रिम्स की 66वीं गवर्निंग बॉडी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में संस्थान…
- Netflix में बड़ी छंटनी, 1,000 कर्मचारियों की गई नौकरी; 2022 के बाद सबसे बड़ा कटनई दिल्ली: स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Netflix ने करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। इसे कंपनी की ओर से 2022 के बाद की सबसे बड़ी कर्मचारी कटौती के तौर पर देखा जा रहा है। छंटनी की खबर सामने आने के बाद टेक और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी चर्चा तेज हो गई है। कंपनी की ओर से…
- मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की रस्में शुरू, हेमंत सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाज से की चूल्हे की पूजारामगढ़: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पूजनीय दिवंगत माता स्व. रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म से जुड़ी पारंपरिक रस्मों की शुरुआत की। नेमरा में आयोजित श्राद्धकर्म के तहत मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार **चूल्हे की पूजा-अर्चना की और अग्नि प्रज्वलित कर भोजन बनाने की प्रक्रिया शुरू करवाई। माता के निधन के बाद हेमंत सोरेन परिवार…
- ओडिशा के राज्यपाल बने ब्रजमोहन राम से मिले सुदेश महतो, मोरहाबादी आवास पहुंचकर दी शुभकामनाएंरांची: पलामू के पूर्व सांसद डॉ. ब्रजमोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने गुरुवार को उनसे मुलाकात कर बधाई और शुभकामनाएं दीं। सुदेश महतो ने रांची के मोरहाबादी स्थित डॉ. ब्रजमोहन राम के आवास पर पहुंचकर उन्हें नई संवैधानिक जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं…




