देवघर AIIMS के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संदेश, 11 मेधावी सम्मानित

Convocation Ceremony

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा मजबूत करने पर जोर

देवघर: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार को विशेष विमान से देवघर पहुंचे। एयरपोर्ट पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और मेडिकल के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह में 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष सम्मान और पदक दिए गए। दीक्षांत समारोह के बाद उपराष्ट्रपति देवघर के दर्दमारा स्थित बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट (BBMT) परिसर में आयोजित सैन्य संपर्क मेला पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा बलों को संबोधित किया और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद उपराष्ट्रपति देवघर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए।

दीप प्रज्वलित कर दीक्षांत समारोह का उद्घाटन
AIIMS देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा और देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। समारोह में मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। एमबीबीएस, नर्सिंग और एमडी-एमएस के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को बताया गर्व का क्षण
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस अवसर को विद्यार्थियों, उनके परिवारों और संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाले युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा में करने की अपील की। उन्होंने डॉक्टरों और नए स्वास्थ्यकर्मियों को चिकित्सा क्षेत्र में उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया। चिकित्सा पेशे में मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सेवा भावना को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने युवाओं को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर
उपराष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों से ग्रामीण, दूरस्थ और वंचित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी है। देवघर और आसपास के क्षेत्रों के संदर्भ में यह संदेश महत्वपूर्ण है, क्योंकि दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी जरूरतों में शामिल है। ऐसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता मरीजों के लिए बेहतर उपचार के अवसर बढ़ा सकती है।

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ड्रोन से दवाइयां पहुंचाने की पहल की सराहना
AIIMS देवघर की आधुनिक स्वास्थ्य पहल का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से दवाइयां तथा आपातकालीन चिकित्सा सामग्री पहुंचाने के प्रयास की सराहना की। इस तरह की तकनीक का उपयोग दुर्गम इलाकों में चिकित्सा सामग्री की समय पर आपूर्ति में मददगार हो सकता है। उपराष्ट्रपति ने भारतीय संस्कृति और आधुनिकता के मेल पर भी जोर दिया। उनके संदेश का प्रमुख भाव यह रहा कि आधुनिक तकनीक का लाभ समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए, जिन्हें भौगोलिक दूरी या सीमित संसाधनों के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई होती है। AIIMS देवघर जैसे संस्थानों से उम्मीद की जाती है कि वे चिकित्सा शिक्षा, उपचार और तकनीकी नवाचार के जरिए झारखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में योगदान दें।

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11 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला विशेष सम्मान
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति के हाथों मेडिकल विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। एमबीबीएस, नर्सिंग और एमडी-एमएस के विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव को पूरा किया। इस दौरान 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष पुरस्कार और पदक देकर सम्मानित किया गया। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि चिकित्सा पेशे में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उनसे अपेक्षा है कि वे मरीजों की सेवा, चिकित्सा नैतिकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

सैन्य संपर्क मेला पहुंचे उपराष्ट्रपति, सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना
AIIMS देवघर के दीक्षांत समारोह के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दर्दमारा स्थित बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट (BBMT) परिसर में आयोजित सैन्य संपर्क मेला पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा बलों को संबोधित किया और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। सैन्य संपर्क मेले में उपराष्ट्रपति की मौजूदगी के साथ सुरक्षा बलों के कार्य और उनकी भूमिका पर ध्यान केंद्रित रहा। कार्यक्रम के बाद वे देवघर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। उनके प्रस्थान को देखते हुए एयरपोर्ट और संबंधित मार्गों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।

कार्यक्रमों के बाद एयरपोर्ट रवाना हुए उपराष्ट्रपति
देवघर दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने AIIMS के दूसरे दीक्षांत समारोह और सैन्य संपर्क मेला, दोनों कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। चिकित्सा विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उन्होंने डॉक्टरों को सेवा और नैतिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। वहीं, सैन्य संपर्क मेले में सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की। देवघर दौरे का प्रमुख संदेश चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक तकनीक, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रसेवा के महत्व पर केंद्रित रहा।

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