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JPSC-JSSC भर्ती धांधली पर सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई, जस्टिस वी. मोहना हुए अलग

JPSC JSSC CBI Investigation

CBI जांच की मांग वाली याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख बदली, याचिकाकर्ता ने स्वतंत्र जांच की मांग की

रांची: झारखंड की JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में अगली सुनवाई की तारीख को लेकर बदलाव हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामले की सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होने की बात सामने आई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की सार्वजनिक cause-list में इस मामले की विस्तृत लिस्टिंग अभी स्पष्ट नहीं है। इस मामले में पिछली कार्यवाही के दौरान पीठ के सदस्य जस्टिस वी. मोहना के मामले से अलग होने की जानकारी सामने आई थी। अब मामले की अगली सुनवाई किस संयोजन वाली पीठ के सामने होगी, इसकी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से मामले में CBI जांच या सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग रखी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में इस याचिका पर केंद्र, झारखंड सरकार, JPSC, CBI और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था।

पहले तीन सदस्यीय पीठ कर रही थी सुनवाई
मामले की सुनवाई पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही थी। अगस्त में इसी पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किए थे। हालांकि, बाद की कार्यवाही में जस्टिस वी. मोहना के मामले से अलग होने के बाद अब पीठ के नए संयोजन को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जस्टिस वी. मोहना की अलग प्रोफाइल उपलब्ध है और वे जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनी थीं।

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याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में JPSC-JSSC से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके। याचिका में परीक्षा से जुड़े भौतिक और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। इसमें OMR शीट, उम्मीदवारों की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, उपस्थिति रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक डेटा, CCTV फुटेज, स्कैनिंग और मूल्यांकन से जुड़े रिकॉर्ड तथा सर्वर डेटा जैसे दस्तावेज शामिल हैं।

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सरकार और आयोग से जवाब मांग चुका है सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, JPSC और CBI समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में JPSC की Combined Civil Services Preliminary Examination 2025 से जुड़ी कथित अनियमितताओं को भी उठाया गया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि याचिका में लगाए गए आरोपों पर अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है। CBI जांच की मांग पर भी अंतिम फैसला होना बाकी है।

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झारखंड के अभ्यर्थियों की नजर अगली सुनवाई पर
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की ओर से लंबे समय से पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग उठती रही है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस याचिका के कारण अगली सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह महत्वपूर्ण होगा कि अगली सुनवाई में मामले की सुनवाई किस पीठ के सामने होती है और सरकार तथा संबंधित आयोग की ओर से क्या जवाब दाखिल किया जाता है।

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