झारखंड में ग्रीन राशन कार्ड का इंतजार खत्म! 25 लाख से ज्यादा परिवारों को राहत, जिलों को मिला कार्ड जारी करने का अधिकार
रांची: झारखंड में लंबे समय से ग्रीन राशन कार्ड का इंतजार कर रहे लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने लंबित आवेदनों के निपटारे की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए सभी जिलों को ग्रीन राशन कार्ड जारी करने का अधिकार दे दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग नया कोटा भी निर्धारित कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य के 25 लाख से अधिक लंबित आवेदनों के जल्द निपटने की उम्मीद है।
25 लाख से अधिक लोग कर रहे थे इंतजार
राज्यभर में करीब 25 लाख से ज्यादा लोग ग्रीन राशन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सबसे अधिक लंबी प्रतीक्षा सूची रांची, धनबाद, गिरिडीह, लातेहार, साहेबगंज और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
- रांची: 1,32,514 आवेदक
- धनबाद: 1,22,066 आवेदक
- गिरिडीह: 1,11,198 आवेदक
- पूर्वी सिंहभूम: 1,04,307 आवेदक
- बोकारो: 93,776 आवेदक
- पश्चिमी सिंहभूम: 1,42,984 आवेदक
- जामताड़ा: 86 हजार से अधिक आवेदक प्रतीक्षा सूची में हैं।
इन जिलों में लंबे समय से लोग राशन कार्ड जारी होने का इंतजार कर रहे थे।
अब जिलों को मिला कार्ड जारी करने का अधिकार
अब तक कई आवेदन केवल इसलिए लंबित थे क्योंकि जिलों के पास निर्धारित कोटा समाप्त हो चुका था। राज्य सरकार के नए आदेश के बाद अब प्रत्येक जिले को निर्धारित कोटे के अनुसार पात्र लाभार्थियों को ग्रीन राशन कार्ड जारी करने का अधिकार मिल गया है। इससे लंबे समय से रुके हुए आवेदनों का तेजी से निपटारा होने की संभावना है।
गंभीर बीमारों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया है। नए निर्देशों के अनुसार हर जिले को आवंटित कोटे में से 100 ग्रीन राशन कार्ड गंभीर और असाध्य बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे।जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पहले ऐसे जरूरतमंद लोगों की प्रतीक्षा सूची समाप्त की जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
कोटा पूरा होने से बढ़ गई थी वेटिंग लिस्ट
पिछले कई महीनों से राज्य में बड़ी संख्या में लोग ग्रीन राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे थे। लेकिन निर्धारित कोटा पूरा हो जाने के कारण नए आवेदनों को वेटिंग लिस्ट में रखा जा रहा था। विशेष रूप से मंईयां सम्मान योजना शुरू होने के बाद राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसका असर यह हुआ कि अधिकांश जिलों में प्रतीक्षा सूची लगातार लंबी होती चली गई।
आबादी और जरूरत के अनुसार तय हुआ नया कोटा
राज्य सरकार ने सभी जिलों के लिए उनकी आबादी और लंबित आवेदनों को ध्यान में रखते हुए नया कोटा तय किया है। प्रमुख जिलों को आवंटित कोटा इस प्रकार है—
- रांची: 1,32,514
- धनबाद: 1,22,066
- गिरिडीह: 1,11,198
- पूर्वी सिंहभूम: 1,04,307
- बोकारो: 93,776
- पश्चिमी सिंहभूम: 1,42,984
अन्य जिलों को भी उनकी आवश्यकता के अनुसार ग्रीन राशन कार्ड जारी करने के लिए अलग-अलग संख्या आवंटित की गई है।
लाखों परिवारों को मिलेगा खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों पात्र परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन अब पात्र आवेदकों का सत्यापन कर चरणबद्ध तरीके से ग्रीन राशन कार्ड जारी करेगा। ग्रीन राशन कार्ड मिलने के बाद लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।






