शिक्षक दिवस पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
लोकभवन में डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर किया माल्यार्पण, कहा- शिक्षक ज्ञान के साथ संस्कार
अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं
रांची: शिक्षक दिवस के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने देश के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का योगदान देश के लिए अमूल्य है। उनके विचार और जीवन-दर्शन आज भी समाज को ज्ञान, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण और नई पीढ़ी के भविष्य को दिशा देने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक सिर्फ विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। यही मूल्य आगे चलकर एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण की नींव रखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।
डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों से प्रेरणा लेने की अपील
शिक्षक दिवस पर राज्यपाल ने देश और समाज के निर्माण में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज को अधिक जागरूक, संवेदनशील और मूल्य आधारित बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। राज्यपाल के अनुसार, शिक्षक विद्यार्थियों के वर्तमान को संवारने के साथ-साथ देश के भविष्य को भी आकार देते हैं। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण और मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।


