झारखंड में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, 41 मरीज संक्रमित; रांची में 20 बच्चे भी शामिल
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच RIMS में 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
संदिग्ध मरीजों की निगरानी और इलाज के लिए विशेष व्यवस्था
रांची: झारखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य में अब तक 41 मरीजों के संक्रमित पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें 38 मरीज रांची और 3 मरीज जमशेदपुर के हैं। रांची में सामने आए संक्रमित मरीजों में 20 बच्चे भी शामिल हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और रांची स्थित रिम्स ने भी संक्रमण से निपटने की तैयारी तेज कर दी है।
निजी लैब में भी सामने आए नए मामले
रांची की एक निजी लैब में भी कुछ नए मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें एक बच्चा भी शामिल बताया गया है। वहीं, रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में चार संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि चारों की रिपोर्ट निगेटिव आई। राजधानी में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल पहुंचने वाले लोगों में भी सतर्कता देखने को मिल रही है। रिम्स की ओपीडी और टीबी एंड चेस्ट विभाग के बाहर कई मरीज और उनके परिजन मास्क लगाकर पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को भी परिजन मास्क पहनाकर अस्पताल ला रहे हैं।
RIMS में 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
रांची में H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने डेंगू वार्ड में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है। इस वार्ड में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को अलग रखकर उनकी निगरानी और इलाज किया जाएगा। वार्ड में डॉक्टरों के साथ नर्सिंग टीम की भी तैनाती की गई है। वार्ड की जिम्मेदारी डॉ. कंचन किरण कुजूर को दी गई है, जबकि लेहली बाला को सिस्टर इंचार्ज बनाया गया है।इसके अलावा ऐश्वर्या किस्कू, स्वाति कुमारी, रीता कुमारी, अनिशा कुल्लू, सुनीता कच्छप, सोमा रानी महतो और ममता कुल्लू की भी ड्यूटी लगाई गई है।
संक्रमण को फैलने से रोकना बड़ी प्राथमिकता
रिम्स प्रबंधन के अनुसार, अलग आइसोलेशन वार्ड बनाने का मुख्य उद्देश्य H1N1 संक्रमित या संदिग्ध मरीजों को दूसरे मरीजों से अलग रखना है। इससे संक्रमण के फैलने की आशंका को कम करने के साथ मरीजों की बेहतर निगरानी और समय पर इलाज सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से संक्रमण नियंत्रण के उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है। खासकर अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क और स्वच्छता को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्वाइन फ्लू के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण में आमतौर पर तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू का संक्रमण अधिक गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक लोगों को नियमित रूप से हाथ साफ रखने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकने तथा फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल भी संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
हालत बिगड़े तो तुरंत अस्पताल पहुंचें
अगर तेज बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द महसूस हो या अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी जैसे संकेत दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह के बिना खुद से दवा लेने से भी बचना चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराना महत्वपूर्ण है। फिलहाल रांची में संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच RIMS का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाना अस्पताल की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।



