झारखंड में सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट, अस्पतालों में बनेंगे आइसोलेशन वार्ड
H1N1 और H3N2 के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क
रिम्स और एमजीएम में जांच की सुविधा
रांची: देश के कई राज्यों में सीजनल इन्फ्लूएंजा A H1N1 और H3N2 के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान में संक्रमण के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मिले निर्देशों के बाद राज्य में निगरानी और तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों और जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को सतर्क रहने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल झारखंड में इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
ILI और SARI मामलों की होगी रोजाना निगरानी
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम यानी IDSP के तहत राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की देखरेख में राज्यभर में ILI और SARI मामलों की दैनिक निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को IHIP पोर्टल पर मरीजों से जुड़ा डेटा नियमित रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इससे संभावित संक्रमण के मामलों की समय रहते पहचान और निगरानी में मदद मिलेगी। अस्पतालों के OPD में आने वाले ILI यानी सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों के साथ-साथ SARI यानी गंभीर श्वसन संक्रमण वाले मरीजों की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जाएगी।
जिला अस्पतालों में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में संभावित और संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कम से कम 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड चिन्हित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अस्पतालों में PPE किट, N95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, VTM किट, जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन उपकरण और वेंटिलेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मरीजों की स्क्रीनिंग और इलाज के दौरान मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं।

रिम्स और एमजीएम में H1N1-H3N2 की जांच
इन्फ्लूएंजा A H1N1 और H3N2 की जांच की सुविधा रिम्स, रांची और एमजीएम, जमशेदपुर में उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एहतियाती कदम और समय पर पहचान के जरिए संक्रमण के संभावित प्रसार से निपटने की तैयारी की जा रही है।
बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ध्यान
आईईसी के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह ने बताया कि इन्फ्लूएंजा से बचाव, इसके लक्षण और क्या करें-क्या न करें से संबंधित जानकारी के जरिए आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुजुर्ग, 5 वर्ष तक के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पुरानी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
भीड़ में मास्क और साफ-सफाई पर जोर
राज्य सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क पहनें, छींकते या खांसते समय मुंह और नाक को रुमाल या कपड़े से ढकें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें। इसके अलावा हाथ मिलाने से बचने, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने और गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार नहीं छूने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने की भी अपील की है।
लक्षण दिखें तो 104 पर लें सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, खांसी, बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और नजदीकी सदर अस्पताल या सरकारी चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें। स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, लक्षणों की जानकारी या सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी के लिए 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल झारखंड में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों से साफ है कि संभावित खतरे को देखते हुए राज्य में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।







