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JPSC-JSSC आंदोलन से पहले सियासी हलचल तेज, BJP ने आदित्य साहू को नजरबंद करने का लगाया आरोप

Aditya Sahu House Arrest
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रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर 10 अगस्त को प्रस्तावित छात्र विधानसभा घेराव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के आवास पर पुलिस बल तैनात कर उन्हें नजरबंद किया गया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार का तानाशाही रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तैनाती करके छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। भाजपा ने साफ किया कि वह आंदोलनरत छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है।

‘पुलिस की तैनाती से छात्रों की आवाज नहीं दबेगी’
अमर कुमार बाउरी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि नेताओं को नजरबंद करने या उनके घर के बाहर पुलिस तैनात करने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनके साथ बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

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13 परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप का दावा
अमर बाउरी ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों के दौरान JPSC और JSSC की करीब 13 परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा इन विवादों के कारण परेशान हैं। बाउरी के अनुसार, भाजपा राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी।

‘आंदोलन को दबाने से और मजबूत होगी आवाज’
भाजपा नेता ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से परेशान युवाओं में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश करेगी, तो इससे छात्रों की आवाज कमजोर होने के बजाय और मजबूत होगी। उन्होंने दोहराया कि यह मूल रूप से छात्रों का आंदोलन है और भाजपा इसे नैतिक समर्थन दे रही है। पार्टी छात्रों की मांगों को लेकर उनके साथ खड़ी रहेगी।

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10 अगस्त को विधानसभा घेराव
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी में हैं। इसी कार्यक्रम से पहले भाजपा की ओर से आदित्य साहू को कथित तौर पर नजरबंद किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है। अब सरकार और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ सभी की नजर 10 अगस्त के विधानसभा घेराव पर है। बड़ा सवाल यह है कि सरकार आंदोलन को किस तरह संभालती है और क्या छात्रों की प्रमुख मांगों पर कोई नया रास्ता निकलता है।

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