झारखंड के 6 IPS अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी, केंद्र में IG रैंक पर इम्पैनल

Jharkhand IPS Central Deputation

ACC की मंजूरी के बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ, राज्य पुलिस महकमे के लिए बड़ी उपलब्धि

रांची: केंद्र सरकार ने आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश में झारखंड कैडर के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र में आईजी (IG) और समकक्ष पदों पर तैनाती के लिए इम्पैनल किया गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

68 अधिकारियों को मिली मंजूरी
जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय की ओर से 9 अप्रैल 2026 को भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने के बाद कुल 68 आईपीएस अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी गई है। वहीं 55 अधिकारियों के नाम खारिज कर दिए गए हैं, जबकि 6 अधिकारियों के मामलों पर फैसला फिलहाल लंबित रखा गया है। इस प्रक्रिया में 2008 बैच के आईपीएस अधिकारियों के लिए प्रोविजनल कट-ऑफ स्कोर 8.76 निर्धारित किया गया था।

झारखंड के इन अधिकारियों को मिली मंजूरी
झारखंड कैडर से जिन अधिकारियों को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है, उनमें 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी:

  • अखिलेश कुमार झा
  • मयूर पटेल कन्हैयालाल
  • राकेश बंसल शामिल हैं।

इसके अलावा 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी:

  • अनीश गुप्ता
  • एम तमिलवानन
  • अजय लिंडा को भी इम्पैनल किया गया है।
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करियर की बड़ी उपलब्धि
केंद्र में इम्पैनल होना किसी भी आईपीएस अधिकारी के करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इसके जरिए अधिकारियों को केंद्रीय एजेंसियों, सुरक्षा संगठनों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम करने का अवसर मिलता है।

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अनुभव और कार्यशैली को मिली पहचान
माना जा रहा है कि इन अधिकारियों के प्रशासनिक अनुभव, कार्यशैली और सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उपलब्धि न सिर्फ संबंधित अधिकारियों के लिए बल्कि झारखंड पुलिस महकमे के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है।

झारखंड पुलिस की बढ़ी प्रतिष्ठा
झारखंड कैडर के अधिकारियों को मिली यह जिम्मेदारी राज्य पुलिस की कार्यक्षमता और प्रशासनिक क्षमता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के अन्य अधिकारियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

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