चमोली टनल हादसा: खूंटी का लुकास टोपनो लापता, 5 झारखंडी मजदूर घायल

Chamoli Tunnel Accident Jharkhand

रांची/खूंटी: उत्तराखंड के चमोली में हुए टनल हादसे के बाद झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। खूंटी जिले के सीमर टोली, कमरा गांव निवासी लुकास टोपनो हादसे के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवार में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार लुकास के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए हुए हैं। निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। रेस्क्यू टीम सुरंग के भीतर पहुंचकर लापता श्रमिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में जुटी है।

लुकास टोपनो की तलाश जारी
हादसे के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार लुकास टोपनो का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनके लापता होने की खबर मिलते ही परिवार और गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लापता श्रमिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं बचाव दल सुरंग में लगातार ऑपरेशन चला रहा है। परिवार को उम्मीद है कि रेस्क्यू टीम जल्द ही लुकास टोपनो को सुरक्षित बाहर निकाल लेगी।

पांच झारखंडी श्रमिक घायल
इस हादसे में झारखंड के पांच श्रमिक घायल हुए हैं। घायलों में खूंटी, गुमला और पूर्वी सिंहभूम जिले के श्रमिक शामिल हैं। खूंटी जिले के तपकरा निवासी हाबिल गुड़िया, तोरपा निवासी निथिर भिंगरा और सुरुने निवासी दीना बेगरा को हल्की चोटें आई हैं। वहीं गुमला जिले के कटकाही निवासी विनोद रावना का दाहिना पैर टूट गया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के डूगरिया निवासी खेला राम बिसरा गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

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तीन श्रमिक अभी भी सुरंग में फंसे
हादसे के बाद सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार इनमें से एक श्रमिक के झारखंड से होने की पुष्टि हुई है। लापता श्रमिकों की सही पहचान और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए झारखंड सरकार उत्तराखंड प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

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मृतक श्रमिक के परिवार को कंपनी ने दी आर्थिक सहायता
हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के श्रमिक के परिवार को कंपनी की ओर से अंतिम संस्कार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही झारखंड सरकार की ओर से मृतक श्रमिक का पार्थिव शरीर राज्य में लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सरकार ने पात्रता के अनुसार मुआवजा, बीमा राशि और अन्य वैधानिक सरकारी लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

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परिजनों की निगाह रेस्क्यू ऑपरेशन पर
चमोली टनल हादसे के बाद झारखंड के कई परिवारों की नजर अब रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी है। खासकर लुकास टोपनो के परिवार को उनके सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद है। प्रशासन और बचाव दल की प्राथमिकता फिलहाल सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, लापता श्रमिकों की स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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