होम-कार लोन की EMI पर फिर बढ़ सकता है दबाव, जानिए Nomura का अनुमान

RBI Repo Rate

ब्रोकरेज रिपोर्ट में अक्टूबर-दिसंबर में 25-50 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी का अनुमान, 2027 में महंगाई घटने की उम्मीद

New Delhi : अगर आपने होम लोन या कार लोन ले रखा है और आने वाले समय में EMI को लेकर चिंता है, तो ब्याज दरों पर नजर रखना जरूरी है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के एक अनुमान के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक आने वाली मौद्रिक नीति बैठकों में ब्याज दरों में सीमित बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह RBI का आधिकारिक फैसला नहीं, बल्कि नोमुरा की ओर से लगाया गया अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में जिस तरह बड़ी ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही थी, उसके मुकाबले केंद्रीय बैंक की संभावित कार्रवाई सीमित रह सकती है।

25 से 50 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी का अनुमान
नोमुरा के अनुमान के मुताबिक RBI आगामी अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में 25-25 बेसिस पॉइंट की दो छोटी बढ़ोतरी कर सकता है। इस स्थिति में कुल 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर दोनों चरणों में बढ़ोतरी होती है, तो रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार रेपो रेट 5.75 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, नोमुरा के मुताबिक यह भी संभव है कि RBI केवल एक बार ब्याज दर बढ़ाए और उसके बाद बढ़ोतरी का सिलसिला रोक दे।

क्या आपकी EMI बढ़ सकती है?
अगर RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी करता है और बैंक उसका असर लोन की ब्याज दरों पर डालते हैं, तो फ्लोटिंग रेट वाले होम और कार लोन की EMI या लोन की अवधि पर असर पड़ सकता है। हालांकि, किसी ग्राहक की वास्तविक EMI कितनी बढ़ेगी, यह केवल रेपो रेट पर निर्भर नहीं करता। इसमें बैंक की ब्याज दर, लोन की शेष राशि, बची हुई अवधि और ग्राहक के लोन की शर्तें भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए नोमुरा के अनुमान को सीधे हर कर्जदार की EMI में समान बढ़ोतरी के रूप में नहीं देखा जा सकता।

shrawani mela

महंगाई पर RBI की नजर
ब्याज दरों से जुड़े इस अनुमान के पीछे महंगाई का रुझान अहम माना जा रहा है। नोमुरा की रिपोर्ट में महंगाई के आने वाले महीनों में बने रहने और बाद में कम होने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा महंगाई का स्वरूप 2016-17 जैसी स्थिति से अलग है। इसमें खाद्य महंगाई को प्रमुख चिंता बताया गया है, जबकि कोर महंगाई में नरमी आने का अनुमान दिया गया है।

happy Teacher Day

2027 में महंगाई को लेकर क्या अनुमान?
नोमुरा के अनुमान के मुताबिक 2027 की शुरुआत में खुदरा महंगाई करीब 5.3 प्रतिशत के स्तर पर रह सकती है। इसके बाद साल के अंतिम महीनों में इसमें और कमी आने का अनुमान है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत महंगाई करीब 5.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027-28 में करीब 4 प्रतिशत रहने का अनुमान बताया गया है। अगर महंगाई में अपेक्षित नरमी आती है, तो ब्याज दरों में आगे की बढ़ोतरी की जरूरत कम हो सकती है।

resizone elanza

Telegram channel

फरवरी 2027 के बाद राहत की उम्मीद
नोमुरा के अनुमान में फरवरी 2027 के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला रुकने की संभावना जताई गई है। इसके पीछे महंगाई में संभावित नरमी और घरेलू मांग के सामान्य होने को कारण माना गया है। हालांकि, ब्याज दरों पर अंतिम फैसला RBI की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC लेती है। इसलिए आगे की दरों को लेकर किसी भी अनुमान को RBI के आधिकारिक फैसले से अलग रखना जरूरी है।

आम आदमी के लिए क्या मतलब?
अगर RBI सीमित स्तर पर ही दरों में बदलाव करता है, तो कर्ज लेने वाले लोगों पर संभावित असर बड़ी दर वृद्धि की तुलना में कम हो सकता है। वहीं, अगर महंगाई 2027 तक अनुमान के मुताबिक नीचे आती है, तो भविष्य में ब्याज दरों पर दबाव भी कम होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल होम लोन और कार लोन लेने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Nomura का अनुमान अंतिम फैसला नहीं है। RBI की आगामी MPC बैठक में ब्याज दर को लेकर वास्तविक निर्णय सामने आएगा।

Read more: होम-कार लोन की EMI पर फिर बढ़ सकता है दबाव, जानिए Nomura का अनुमान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *