झारखंड ट्रेजरी घोटाला: CID की SIT गठित, जांच शुरू
वेतन मद में फर्जी निकासी का खुलासा, बोकारो-हजारीबाग से सामने आया मामला
रांची: झारखंड में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। राज्य सरकार की अनुमति के बाद झारखंड CID ने इस पूरे मामले को अपने हाथ में ले लिया है और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए 9 सदस्यीय SIT बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता आईजी पंकज कंबोज कर रहे हैं। टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका
प्रारंभिक जांच में ट्रेजरी से वेतन और अन्य मदों में अवैध निकासी के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक-दो ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क के तहत लंबे समय से फर्जी निकासी की जा रही थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब इस पूरे सिस्टम की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
हाई लेवल कमिटी भी कर रही जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त विभाग ने भी समानांतर जांच शुरू की है। अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमिटी गठित की गई है, जो ट्रेजरी सिस्टम में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही है। इस दोहरी जांच से यह स्पष्ट है कि सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है।
बोकारो और हजारीबाग से खुला राज
घोटाले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब बोकारो और हजारीबाग जिलों में ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी के मामले सामने आए। जांच में यह पाया गया कि वेतन मद के नाम पर फर्जी तरीके से पैसे निकाले गए थे। इस खुलासे के बाद वित्त विभाग और ट्रेजरी कार्यालयों में हड़कंप मच गया।
कई अधिकारी-कर्मचारी जांच के घेरे में
मामले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई। कई अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित किया गया, जिनमें से कुछ को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कई के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है और कुछ आरोपियों को जेल भी भेजा जा चुका है।
सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
सरकार ने इस घटना के बाद ट्रेजरी सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। नई व्यवस्थाओं के तहत वित्तीय लेन-देन की सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।
SIT करेगी पूरे नेटवर्क का खुलासा
अब झारखंड CID की SIT इस पूरे मामले की तह तक जाकर जांच करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि इस घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही, पैसे की निकासी कैसे हुई और किस स्तर तक मिलीभगत थी। साथ ही, यह भी जांच की जाएगी कि क्या यह नेटवर्क राज्य के अन्य जिलों तक फैला हुआ है।
झारखंड ट्रेजरी घोटाले की जांच अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। SIT के गठन से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे होंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल वित्तीय अनुशासन बल्कि सरकारी तंत्र की पारदर्शिता के लिए भी एक बड़ी परीक्षा बन गया है।






