JPSC भ्रष्टाचार पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों? रघुवर दास बोले- नैतिकता है तो झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले कांग्रेस, सभी परीक्षा घोटालों की हो CBI जांच
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में मृत 19 अभ्यर्थियों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग।
छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील।
पेपर लीक और गड़बड़ियों में झारखंड देश में पहले स्थान पर.
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने JPSC में सामने आए कथित भ्रष्टाचार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस, राहुल गांधी और झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उसे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा सहित राज्य में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर पर नीट परीक्षा को लेकर आंदोलन करने वाले विपक्षी दल झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों पर पूरी तरह मौन हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल
रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में सामने आए जेपीएससी भ्रष्टाचार और परीक्षा अनियमितताओं पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह झारखंड के युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय पर क्यों नहीं बोल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, झामुमो, समाजवादी पार्टी, राजद, आम आदमी पार्टी और वाम दल नीट परीक्षा के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन झारखंड में युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं।
कांग्रेस से समर्थन वापस लेने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए। उनके अनुसार ऐसा करने से ही यह साबित होगा कि उनकी चिंता केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वास्तविक है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो इसे केवल राजनीतिक नौटंकी माना जाएगा।
सभी परीक्षा घोटालों की CBI जांच की मांग
रघुवर दास ने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट की जा चुकी एक निजी एजेंसी को परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी एजेंसी को वर्ष 2025 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने भी ब्लैकलिस्ट किया था। उन्होंने मांग की कि यह एजेंसी जेपीएससी तक कैसे पहुंची, इसकी निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल वर्तमान नहीं बल्कि पूर्व में हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
“पेपर लीक और गड़बड़ियों में झारखंड देश में पहले स्थान पर”
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक साथ कई प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा और पेपर लीक तथा परीक्षा अनियमितताओं के मामलों ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला, जबकि कुछ विषयों के प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए। उनके अनुसार इन मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में मृत छात्रों के लिए मुआवजे की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा पूरे मामले की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना में कई अन्य अभ्यर्थी भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
केंद्र सरकार के कदमों का किया उल्लेख
रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं, जिनमें दोषियों के लिए कठोर सजा और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।
छात्रों से की शांति बनाए रखने की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में रघुवर दास ने छात्र-छात्राओं से किसी भी राजनीतिक उकसावे में नहीं आने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने भविष्य, शिक्षा और करियर को प्राथमिकता देते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह तथा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह भी उपस्थित रहे।






