जंतर-मंतर से संसद तक… शरद पवार की सक्रियता के बीच सियासी अटकलें तेज
नई दिल्ली: संसद भवन में बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि इसे औपचारिक और शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन इसके समय और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देशभर में NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
NEET-UG आंदोलन के बीच हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री से मुलाकात से एक दिन पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां NEET-UG परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से उन्होंने मुलाकात की थी। एनसीपी (एसपी) ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया है। शरद पवार ने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनना चाहिए तथा मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
NDA में शामिल होने की अटकलों पर सुप्रिया सुले का जवाब
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा चल रही थी कि एनसीपी (एसपी) भविष्य में NDA का हिस्सा बन सकती है या किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ विलय कर सकती है। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए सुप्रिया सुले ने साफ कहा कि उनकी पार्टी को किसी भी राजनीतिक दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि शरद पवार, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख या स्वयं उन्हें न तो भाजपा से, न कांग्रेस से और न ही NDA के किसी सहयोगी दल की ओर से कोई प्रस्ताव मिला है।
देर रात बैठकों पर भी दी सफाई
हाल ही में मुंबई में एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल और सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं के बीच हुई बैठकों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। इस पर पार्टी की ओर से कहा गया कि वे बैठकें केवल प्रशासनिक और स्थानीय कार्यों से संबंधित थीं। उनका किसी राजनीतिक गठबंधन, दल बदल या विलय से कोई संबंध नहीं था।
छात्रों के पक्ष में बोले शरद पवार
शरद पवार ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा का अधिकार देता है और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि सरकार को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों और नागरिकों की आवाज सुननी चाहिए तथा उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ उचित निर्णय लेना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में जारी अटकलें
हालांकि प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में इस बैठक को लेकर विभिन्न राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, सुप्रिया सुले के स्पष्ट बयान के बाद फिलहाल एनसीपी (एसपी) के NDA में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।





