“स्मार्ट पीडीएस ने बदली तस्वीर, झारखंड के गरीबों तक सीधे पहुंचेगा अनाज”
झारखंड में स्मार्ट PDS लागूतकनीक की मदद से रीयल-टाइम ट्रैकिंग, गड़बड़ियों पर लगेगी रोक
झारखंड: झारखंड सरकार ने सितंबर 2025 से पूरे राज्य के 24 जिलों में स्मार्ट पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (स्मार्ट पीडीएस) लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर गरीब और पात्र परिवार को समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ सस्ता अनाज उपलब्ध हो।
इस सिस्टम के जरिए अब तकनीक से यह देखा जाएगा कि अनाज कब, कितना और किस लाभुक तक पहुंचा। इससे सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी और गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
क्या खास है स्मार्ट पीडीएस में?
- रीयल-टाइम ट्रैकिंग: जैसे ही कोई परिवार अनाज प्राप्त करेगा, उसकी जानकारी तुरंत सरकार तक पहुंच जाएगी।
- पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया पर नजर रहेगी, जिससे गड़बड़ी और चोरी की गुंजाइश खत्म होगी।
- तेज कामकाज: पहले की तरह कागजी झंझट नहीं होगा, सब काम ऑनलाइन और तुरंत होगा।
- लाभुक पर ध्यान: हर परिवार को उसका हक का अनाज समय पर मिलेगा।
- आधार से जुड़ा सिस्टम: केवल वही लोग अनाज पाएंगे जिनका नाम लिस्ट में है और जिनका सत्यापन आधार से होगा।
सिस्टम कैसे काम करेगा?
अनाज कब और कितना दिया गया, यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज होगी। इसका पूरा रिकॉर्ड झारखंड स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन (JSF&CSCL) देखेगा। इस सिस्टम में हर जिले का राशन कार्ड, आवंटन और वितरण का पूरा ब्यौरा तुरंत उपलब्ध रहेगा।
किसे क्या फायदा होगा?
- लाभुकों को: सही समय पर और पूरी मात्रा में सस्ता अनाज मिलेगा।
- सरकार को: पूरे पीडीएस सिस्टम पर लगातार निगरानी और बेहतर प्रबंधन करने में आसानी होगी।
- डीलरों को: अब मनमानी नहीं कर पाएंगे, हर काम की जवाबदेही तय होगी।
झारखंड सरकार का यह कदम राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। स्मार्ट पीडीएस से न केवल समय पर अनाज मिलेगा बल्कि पूरी व्यवस्था और भी पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।





