“पापा, मजबूत भारत का सपना पूरा करूंगा…” राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर भावुक हुए राहुल गांधी
बचपन की तस्वीर शेयर कर राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि, वीर भूमि पहुंचीं सोनिया-प्रियंका समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता
नई दिल्ली: Rahul Gandhi ने पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की 35वीं पुण्यतिथि पर भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने अपने बचपन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह अपने पिता के “कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत” के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
राहुल गांधी ने लिखा,
“पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।”
वीर भूमि पहुंचीं सोनिया और प्रियंका गांधी
राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर दिल्ली स्थित वीर भूमि में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।bश्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के बच्चे मिराया और रेहान वाड्रा भी शामिल हुए।
खड़गे बोले- “21वीं सदी के भारत की नींव रखी”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पोस्ट में राजीव गांधी को “आधुनिक भारत का दूरदर्शी नेता” बताया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने:
- मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की
- पंचायतों को अधिकार देकर लोकतंत्र को गांव तक पहुंचाया
- दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी के जरिए भारत को नई दिशा दी
खड़गे ने कहा कि नई शिक्षा नीति, स्वास्थ्य नीति, आवास नीति और टेक्नोलॉजी मिशन जैसे फैसलों ने भारत को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की नींव रखी।
“युवाओं के लिए उम्मीद का प्रतीक थे राजीव”
Bhupinder Singh Hooda ने राजीव गांधी को युवाओं के लिए उम्मीद का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने पीढ़ियों से देश के लिए बलिदान दिया है और राजीव गांधी युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत थे।
अशोक गहलोत ने याद किया विजन
Ashok Gehlot ने कहा कि राजीव गांधी उस दौर में 21वीं सदी के भारत की बात करने वाले पहले नेताओं में थे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का विजन भारत को विज्ञान, तकनीक और आधुनिक सोच के जरिए दुनिया के बराबर खड़ा करना था।
40 साल की उम्र में बने थे प्रधानमंत्री
राजीव गांधी 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi की हत्या के बाद देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने 1984 से 1989 तक देश का नेतृत्व किया।
1991 में हुई थी हत्या
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। आज भी उन्हें भारत में तकनीकी और आधुनिक बदलावों की नींव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है।






