“नरेंद्र मोदी देश के राजा हैं, देखिए क्या-क्या करवाते हैं” — हेमंत सोरेन का केंद्र पर तंज
पेट्रोल-डीजल संकट, VIP कारकेड और NEET पेपर लीक मामले पर रांची में मुख्यमंत्री ने साधा निशाना
रांची: Hemant Soren ने पेट्रोल-डीजल संकट, NEET पेपर लीक और प्रधानमंत्री की हालिया सलाह को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। झारखंड मंत्रालय में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “अब तो देश के राजा वही हैं, देखिए क्या-क्या करवाते हैं।”
पेट्रोल संकट पर केंद्र को घेरा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देशभर में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की किल्लत कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि “जो हाल आज पेट्रोल पंपों के बाहर दिख रहा है, वह 2014 से ही बना हुआ है।” उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन की खपत कम करने और वीआईपी कारकेड छोटा करने की सलाह पर भी तंज कसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्टेयरिंग सीट पर Narendra Modi बैठे हैं और देश वही करेगा, जैसा वे चाहेंगे।
“देश के राजा वही हैं”
सीएम ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “अब तो देश के राजा वही हैं, देखिए क्या-क्या करवाते हैं।” उनके इस बयान को केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा हमला माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, पेट्रोल संकट और आम लोगों की परेशानियों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।
NEET पेपर लीक पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने NEET पेपर लीक मामले पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हेमंत सोरेन ने कहा कि “सब एक ही तरह के हालात बयां करते हैं, लेकिन NEET पेपर लीक के बाद एक मेधावी छात्र की जान चली गई, उसकी चिंता कौन करेगा?”उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
सरना धर्म कोड पर भी बोले सीएम
जनगणना में अलग सरना धर्म कोड की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि “जब आपके लिए जनगणना प्रपत्र में अलग कॉलम है, तब आपको इसका महत्व समझ में नहीं आएगा। जिस दिन आपका कॉलम कटेगा, तब हमारी मांग क्यों जरूरी है, इसका एहसास होगा।”
झारखंड सरकार लंबे समय से आदिवासी समुदाय के लिए अलग सरना धर्म कोड की मांग करती रही है।
राजनीतिक बयान से बढ़ी हलचल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा और विपक्षी दलों के बीच पेट्रोल संकट, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।






