सारंडा में काल बनी कुइली पहाड़ी नदी, अंतिम संस्कार से लौट रहे ग्रामीण बहे; 2 शव बरामद
चाईबासा/सारंडा: पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के बहदा गांव में रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। अंतिम संस्कार से लौट रहे कुछ ग्रामीण अचानक कुइली पहाड़ी नदी में आई तेज जलधारा की चपेट में आ गए और बह गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल अपने स्तर पर नदी और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। देर रात तक चले खोजबीन अभियान में दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि एक महिला के लापता होने की सूचना है। उसकी तलाश में पुलिस और ग्रामीण लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, संभलने का मौका नहीं मिला
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को गांव के लोग एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुइली पहाड़ी नदी को पार करना था। बताया जा रहा है कि इसी बीच पहाड़ी इलाके में हुई बारिश के कारण अचानक नदी में पानी का तेज बहाव आ गया। देखते ही देखते नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी की धार बेहद तेज हो गई। ग्रामीणों को संभलने का मौका नहीं मिला और कुछ लोग तेज बहाव में बह गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल नदी के आसपास तलाश शुरू कर दी। अंधेरा होने के बावजूद लोगों ने काफी देर तक खोजबीन जारी रखी।
500 मीटर दूर झाड़ियों में मिला पहला शव
काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को रोया सिद्धू की मां का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला। इसके बाद भी नदी और उसके आसपास तलाश जारी रखी गई। कुछ समय बाद रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू का शव भी बरामद कर लिया गया। दो शव मिलने के बाद गांव में मातम का माहौल है। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के आसपास जुट गए।

नदी में बह गईं सुनीता सिद्धू
हादसे में बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू भी तेज जलधारा की चपेट में आकर बह गईं। काफी देर तक खोजबीन करने के बावजूद उनका पता नहीं चल पाया। सुनीता की तलाश के लिए छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी के आसपास संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पुलिस और ग्रामीण मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और नदी के आसपास लगातार खोजबीन की जा रही है।
अंधेरा, बारिश और तेज बहाव बनी चुनौती
रात होने के कारण राहत और बचाव अभियान में काफी परेशानी हुई। घटनास्थल के आसपास अंधेरा होने से नदी और उसके किनारे के इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई थी। वहीं, कुइली नदी में पानी का बहाव भी तेज था। इलाके में बारिश जारी रहने के कारण नदी में उतरकर तलाशी लेना जोखिम भरा था। इसके बावजूद पुलिस और ग्रामीण देर रात तक अभियान में जुटे रहे। रेस्क्यू टीम नदी के किनारे, झाड़ियों और पानी के बहाव की दिशा में संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है। पुलिस की कोशिश है कि लापता सुनीता सिद्धू का जल्द पता लगाया जा सके।
पहाड़ी नदी में अचानक पानी बढ़ने से हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने के बाद नदियों और छोटी धाराओं में अचानक पानी बढ़ जाता है। रविवार शाम भी इसी तरह कुइली पहाड़ी नदी में अचानक तेज बहाव आने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। हादसे में दो लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि लापता महिला की तलाश जारी है। लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के बीच रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती बनी हुई है। इस हादसे के बाद बहदा गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों की निगाह अब जारी खोज अभियान पर टिकी है और सभी सुनीता सिद्धू के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।






