JPSC Scam: पूर्व अध्यक्ष एलबी खियांग्ते से CID की 7 घंटे पूछताछ, पासपोर्ट जब्त; 29 जुलाई को फिर किया तलब
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (PT) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मंगलवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष एलबी खियांग्ते (L.B. Khyangte) से करीब सात घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया कि जांच में आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कभी भी दोबारा बुलाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, CID ने उन्हें 29 जुलाई को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है।
जानकारी के मुताबिक, एलबी खियांग्ते मंगलवार सुबह करीब 11 बजे रांची स्थित CID मुख्यालय पहुंचे थे। यहां जांच अधिकारियों ने उनसे 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की। पूछताछ का दौर करीब सात घंटे तक चला और शाम लगभग 7 बजे उन्हें जाने की अनुमति दी गई।
पासपोर्ट जब्त, जांच का दायरा बढ़ा
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के बाद CID ने एलबी खियांग्ते का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि पासपोर्ट किन कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त किया गया या इसके पीछे क्या कारण हैं। जांच एजेंसी ने फिलहाल मामले की गोपनीयता बनाए रखते हुए पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का भी खुलासा नहीं किया है। पासपोर्ट जब्त किए जाने और दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने से यह संकेत माना जा रहा है कि CID इस मामले की जांच को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है और उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
14वीं JPSC परीक्षा की जांच का मामला
CID की यह कार्रवाई 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच का हिस्सा है। इस परीक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं और कई अभ्यर्थियों एवं संगठनों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामले की जांच CID को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया, निर्णय लेने की प्रक्रिया, प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाइयों तथा अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।
कई लोगों से पहले भी हो चुकी है पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में CID अब तक कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके। एलबी खियांग्ते से हुई पूछताछ को इसी जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पूछताछ के दौरान किन-किन बिंदुओं पर सवाल पूछे गए।
29 जुलाई को फिर होंगे पेश
जानकारी के अनुसार, CID ने पूर्व अध्यक्ष को 29 जुलाई को दोबारा उपस्थित होने के लिए कहा है। इसके अलावा उन्हें यह भी बताया गया है कि जांच की आवश्यकता के अनुसार भविष्य में भी किसी भी समय पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि जांच अभी जारी है और एजेंसी विभिन्न तथ्यों का सत्यापन कर रही है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल CID ने पूछताछ से जुड़े सवालों, बरामद दस्तावेजों या जांच की दिशा को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। वहीं, एलबी खियांग्ते की ओर से भी इस पूछताछ पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी के अगले कदम और 29 जुलाई को होने वाली पूछताछ के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।






