बोकारो में ‘डिजिटल ठगों’ का अड्डा ध्वस्त: चास के फ्लैट से साइबर गिरोह पकड़ा गया
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने चास थाना क्षेत्र के मालती लक्सजरिया सिटी के एक फ्लैट में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हाईटेक तरीके से लोगों को निशाना बना रहे थे। यह कार्रवाई न सिर्फ एक गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अब साइबर अपराध कितनी तेजी से शहरी इलाकों में फैल रहा है।
गुप्त सूचना से खुला बड़ा राज
पूरे ऑपरेशन की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई, जो पुलिस अधीक्षक को मिली थी। सूचना में बताया गया था कि चास के मालती लक्सजरिया सिटी के एन-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 101 में साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई।
टीम गठित, फ्लैट पर छापा
चास थाना प्रभारी प्रकाश मंडल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में साइबर थाना के अधिकारी भी शामिल किए गए, जिससे ऑपरेशन को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा सके। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फ्लैट के अंदर चार युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
हाईटेक ठगी का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को ठग रहा था। खुद को बैंक अधिकारी बताकर कॉल करना, KYC अपडेट, ATM ब्लॉक या लोन के नाम पर भरोसा जीतना, पीड़ितों से फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाना, व्हाट्सएप कॉल और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए फोन का एक्सेस लेना, इसके बाद आरोपी बैंक डिटेल, OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर सीधे खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
फ्लैट बना था ‘साइबर क्राइम हब’
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 3-4 महीनों से इसी फ्लैट में रहकर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। एक ही जगह से कॉलिंग, डेटा मैनेजमेंट और पैसे की हेराफेरी सब कुछ ऑपरेट किया जा रहा था। यह फ्लैट पूरी तरह एक “मिनी साइबर क्राइम सेंटर” बन चुका था।
जामताड़ा कनेक्शन फिर सामने
गिरफ्तार सभी आरोपी जामताड़ा जिले के रहने वाले हैं। जामताड़ा पहले से ही साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहा है, और इस मामले ने एक बार फिर इस कनेक्शन को उजागर कर दिया है।
भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप कई मोबाइल नंबरों और डेटा से भरी डायरी जब्त किए हैं। ये सभी बरामदगी इस बात का संकेत है कि गिरोह बड़े स्तर पर काम कर रहा था।
केस दर्ज, जांच जारी
इस मामले में चास थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन जुड़े हैं और कितने लोगों को अब तक ठगा गया है।
जनता के लिए चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान कॉल पर बैंक डिटेल साझा न करें, APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें, OTP या स्क्रीन शेयरिंग से बचें। बोकारो पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क को उजागर कर दिया है। तकनीक का गलत इस्तेमाल, शहरी इलाकों में फैलता नेटवर्क और लोगों की लापरवाही, इन सबका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह तेजी से सक्रिय हो रहे हैं।
लेकिन इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि अगर सूचना और रणनीति सही हो, तो ऐसे अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकती है।








