रामगढ़ में बंद खदान से जहरीली गैस रिसाव, चार लोगों की दर्दनाक मौत
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रामगढ़ वन क्षेत्र के चपरी-बुमरी इलाके में स्थित एक बंद पड़ी खदान में जहरीली गैस रिसाव होने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतक कथित तौर पर खदान में कोयला निकालने के लिए उतरे थे, तभी वे जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आ गए। घटना की पुष्टि रामगढ़ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार महतो ने की है। उन्होंने बताया कि चार लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जिनमें दो की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि दो अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कोयला निकालने गए थे, फिर नहीं लौटे
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोग बंद खदान में अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए अंदर गए थे। इसी दौरान खदान के भीतर अचानक जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस का असर इतना तेज था कि अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग मौके पर जुट गए। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और सीसीएल (CCL) की टीम को सूचना दी गई। राहत और बचाव अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
चार मृतकों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सिरका-अरगड्डा के छोटकी टोंगी निवासी देवा कुमार बेदिया और डब्ल्यू बेदिया, जबकि सिरका बुध बाजार निवासी आशीष रजवार और किशोर रवानी के रूप में हुई है। मृतकों के घरों में घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौके पर मिली जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी
सीसीएल के माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर 12 सदस्यीय टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि खदान के अंदर जहरीली गैस का स्तर काफी अधिक था और ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद खदानों में लंबे समय तक गैस जमा होने के कारण ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी, जांच शुरू
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। रामगढ़ सदर अस्पताल में चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। मजिस्ट्रेट के रूप में रामगढ़ एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, कार्यपालक दंडाधिकारी अंबिका कुमारी और अंचलाधिकारी रमेश रविदास मौजूद रहे। वहीं डॉक्टरों की विशेष टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया में शामिल है।
बंद खदानों में अवैध खनन बना खतरा
रामगढ़ वन क्षेत्र के बुमरी, गिद्दी और आसपास के इलाकों में कई बंद खदानें मौजूद हैं। इन खदानों में समय-समय पर अवैध खनन और कोयला निकालने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सीसीएल और प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई किए जाने के बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर बंद खदानों में प्रवेश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानों में जहरीली गैस, धंसान और ऑक्सीजन की कमी का खतरा हमेशा बना रहता है।
प्रशासन की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से बंद खदानों में प्रवेश नहीं करने और अवैध खनन से दूर रहने की अपील की है। इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। रामगढ़ की यह घटना एक बार फिर बंद खदानों में हो रहे अवैध प्रवेश और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है।






