सुप्रीम कोर्ट सख्त: नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करें, गिरफ्तार छात्रों को छोड़ने का आदेश

Supreme Court NEET Protest

दिल्ली-बिहार समेत 7 राज्यों को नोटिस

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दीपक कुमार थाना प्रभारी रामगढ़ घाटों
द हॉप मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल रांची रोड मरार रामगढ़
बिहार फाऊंडरी एंड कास्टिंग लिमिटेड इंडस्ट्रीज एरिया मरार रामगढ़
मां तारा सेवा समिति
मां सेवा यतन हॉस्पिटल
रजरप्पा थाना प्रभारी श्री कृष्ण कुमार
रमेश रविदास
रमेश सिंह
राधा गोविंद यूनिवर्सिटी लाल की घाटी रामगढ़
रोटरी रामगढ़ सिटी के पूर्व अध्यक्ष श्री आदर्श चौधरी
रोटेरियन हरीश चौधरी
होटल सम्राट गोला रोड
होटल तेजस
होटल ट्रीट थाना चौक रामगढ़
15 Aug 2026 poat Ads Ramgarh

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम अंतरिम निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और यदि कहीं आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों को भी रिहा किया जाए, बशर्ते उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला या पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न हो।

“लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक”
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन सामान्य और वैध प्रक्रिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पक्ष—चाहे प्रदर्शनकारी हों या पुलिस—ने कानून का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। CJI ने कहा कि यदि पुलिस द्वारा आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया है तो इसकी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

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आशुतोष सिंह कुज्जू थाना प्रभारी
झारखंड हॉस्पिटल
डीड राइटर रामगढ़ 1
थेरेपी वर्ल्ड स्पा
बागड़िया ब्रदर श्याम कंपलेक्स
प्रो केयर डेंटल क्लिनिक
पॉली डॉग हॉस्पिटल रांची
न्यू रामगढ़ टेंट हाउस
निवेदक श्री सदानंद कुमार
निवेदक नवीन प्रकाश पांडे थाना प्रभारी रामगढ़ थाना

नाबालिगों की तत्काल रिहाई का निर्देश
पीठ ने अलग-अलग राज्यों में हिरासत में लिए गए नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून के अनुरूप उनके साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।

सेंट्रल हार्डवेयर
सतीश गुप्ता
श्री शंकर मिश्रा
श्री पंकज कुशवाहा
श्री कृष्ण विद्या मंदिर
श्री आजाद सिंह
अनिल शर्मा सर
किशन जयसवाल
गोविंद मेवाड़
छोटू सिंह
जॉनी अग्रवाल
डॉ. राकेश सिंह
तिलक राज मंगलम
बंटी मोदी
मनोज अग्रवाल
मुकेश राम
राजू गुप्ता उर्फ जयनारायण साहू
राहुल कुमार उर्फ सोनू

गिरफ्तार छात्रों को भी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए, यदि उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उनका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत का कहना था कि केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

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दिल्ली, बिहार समेत 7 राज्यों को नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली, बिहार समेत सात राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने संबंधित राज्यों से पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और बल प्रयोग से जुड़ी पूरी रिपोर्ट रिकॉर्ड पर रखने को कहा है।

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पुलिस कार्रवाई की होगी स्वतंत्र जांच
सुनवाई के दौरान अदालत ने उन आरोपों का संज्ञान लिया जिनमें कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों, महिलाओं, वकीलों और मीडिया कर्मियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोप इतने गंभीर हैं कि उनकी स्वतंत्र जांच पर विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि वह इस मामले में एक हाई-पावर्ड कमेटी गठित कर सकती है।

CCTV और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश
अदालत ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। इनमें CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, वायरलेस संचार रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों का व्यक्तिगत डिजिटल डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कई स्थानों पर कुछ असामाजिक तत्व भी प्रदर्शन में शामिल हो गए थे और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए थे। उन्होंने कहा कि यदि अदालत जांच समिति गठित करती है तो केंद्र सरकार पूरा सहयोग करेगी।

अगले सप्ताह होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है। अदालत ने कहा कि जांच और रिकॉर्ड के आधार पर आगे आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे।

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