गुमला में साइबर ठगी का नया खेल, पेंशनधारी महिला के खाते से उड़ा लिए ₹72,500

Gumla Cyber __Fraud

गुमला: झारखंड के गुमला जिले में साइबर अपराधियों ने एक पेंशनधारी महिला को निशाना बनाते हुए उसके बैंक खाते से 72,500 रुपये की ठगी कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब महिला अपने खाते में हुए संदिग्ध लेन-देन की जानकारी लेने बैंक पहुंची। मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, गुमला जिले के पुग्गू नवाटोली निवासी 56 वर्षीय गीता कुमारी लकड़ा का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की गुमला शाखा में वेतन और पेंशन के दो अलग-अलग खाते हैं। कुछ दिन पहले उनके वेतन खाते में अचानक 3,000 रुपये जमा हुए, जिसे उन्होंने सामान्य बैंकिंग ट्रांजेक्शन समझा। लेकिन बाद में इसी के जरिए साइबर ठगों ने बड़ा खेल कर दिया।

3 हजार रुपये जमा कर रची ठगी की साजिश
जब गीता कुमारी लकड़ा बैंक पहुंचीं और जमा राशि के बारे में जानकारी ली, तब उन्हें पता चला कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने पहले उनके वेतन खाते में 3,000 रुपये भेजे। इसके बाद उसी राशि को उनके पेंशन खाते में ट्रांसफर किया गया। महिला को इसकी भनक तक नहीं लगी और इसी बीच साइबर ठगों ने उनके पेंशन खाते से कुल 72,500 रुपये की अवैध निकासी कर ली।

UPI के जरिए दूसरे बैंक खाते में भेजी गई रकम
बैंक अधिकारियों की जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि यूपीआई (UPI) के माध्यम से इंडियन ओवरसीज बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। खाते का विवरण सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महिला साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुकी हैं।
इस खुलासे के बाद पीड़िता ने तत्काल कार्रवाई की मांग की और पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

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1930 पर शिकायत, साइबर सेल हुई सक्रिय
घटना के बाद गीता कुमारी लकड़ा ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने गुमला साइबर सेल और स्थानीय थाना में भी लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की। साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जिस खाते में राशि ट्रांसफर हुई थी, उसे होल्ड कर दिया गया है, जिससे रकम की रिकवरी की संभावना बनी हुई है।

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लेन-देन की पूरी श्रृंखला खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञ बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार छोटे ट्रांजेक्शन के जरिए खाताधारकों का भरोसा जीतकर या बैंकिंग गतिविधियों को भ्रमित कर बड़ी ठगी को अंजाम दिया जाता है। ऐसे मामलों में बैंक खातों की नियमित निगरानी, संदिग्ध ट्रांजेक्शन की तत्काल जानकारी और किसी भी अनजान लिंक, कॉल या डिजिटल अनुरोध से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

सतर्कता ही बचाव
पुलिस और साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।

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