JPSC-CGL जांच में नया मोड़: अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी की सरकारी नियुक्ति भी जांच के दायरे में
रांची: झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय (JPSC-CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। जांच एजेंसियां अब केवल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आरोपी अभय तिवारी के परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभय तिवारी के भाई *अक्षय तिवारी* की सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं।
अक्षय तिवारी की नियुक्ति की हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, अक्षय तिवारी की नियुक्ति भी JPSC-CGL परीक्षा के माध्यम से हुई थी। इसके अलावा उन्होंने 14वीं JPSC प्रारंभिक (PT) परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन चयन प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता, प्रभाव या अनुचित लाभ का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। हालांकि, अब तक जांच एजेंसियों ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अभय तिवारी की भूमिका भी जांच के केंद्र में
जांच में यह भी सामने आया है कि अभय तिवारी स्वयं पहले कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुके थे। बाद में वह एक निजी एजेंसी में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत रहे, जहां परीक्षा संचालन से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका बताई जा रही है। इसी कारण जांच एजेंसियां अब उनके परीक्षा संबंधी कार्यों और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं।
दस्तावेजों की हो रही जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अक्षय तिवारी की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों, चयन प्रक्रिया और अभिलेखों की भी जांच कर रही हैं। इन दस्तावेजों का मिलान अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई थी या नहीं।
अन्य संदिग्धों से भी तेज हुई पूछताछ
इस बीच CID ने JPSC-CGL मामले में हिरासत में लिए गए अन्य संदिग्धों से पूछताछ भी तेज कर दी है। जांच एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितताओं के पूरे नेटवर्क, संभावित भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे और लोगों से पूछताछ या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल जांच एजेंसियों ने मामले में किसी नई गिरफ्तारी या आरोप तय किए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों तथा दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।





