रांची के अशोक नगर में करोड़ों की चोरी का मास्टरमाइंड बेनकाब, पत्नी-प्रेमिका समेत कई गिरफ्तार; 20 लाख रुपये बरामद
रांची: राजधानी रांची के अशोक नगर स्थित कारोबारी एवं समाजसेवी अखिलेश पांडेय के घर हुई करोड़ों रुपये की चर्चित चोरी के मामले में झारखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान टीम ने इस हाई-प्रोफाइल वारदात के कथित मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। पुलिस के अनुसार, इस चोरी की साजिश बिहार के सीतामढ़ी निवासी मो. इरफान उर्फ उजाले ने रची थी। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
यह मामला सामने आने के बाद से ही पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेनदेन और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही थी। अब तक की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने का दावा कर रही है।
पत्नी और प्रेमिका समेत कई लोगों की गिरफ्तारी
एसआईटी ने जांच के दौरान मुख्य आरोपी मो. इरफान की पत्नी, उसकी प्रेमिका तथा कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी की पूरी साजिश और उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 20 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह शुरुआती बरामदगी है और जांच आगे बढ़ने के साथ चोरी की रकम का बड़ा हिस्सा मिलने की संभावना है।
चोरी के पैसों से गांव में कराए गए विकास कार्य!
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुख्य आरोपी मो. इरफान ने कथित तौर पर चोरी की रकम का इस्तेमाल अपने गांव में विकास कार्यों के लिए किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने गांव में सड़क निर्माण कराया, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद की और मेडिकल कैंप भी आयोजित कराए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की पत्नी पूर्व में जिला परिषद सदस्य रह चुकी है। हालांकि पुलिस अभी इन सभी दावों का सत्यापन कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की रकम किन-किन कार्यों में खर्च की गई और क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका रही।
कई राज्यों में जारी है तलाश
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की कई टीमें लगातार बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह, चोरी की रकम के वितरण और नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
तकनीकी और वित्तीय जांच भी जारी
एसआईटी केवल फरार आरोपी की तलाश ही नहीं कर रही है, बल्कि चोरी की रकम के लेनदेन की भी जांच कर रही है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की रकम को कहीं निवेश तो नहीं किया गया या उसे अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है और एसआईटी का दावा है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड से जुड़े कई और अहम तथ्य सामने आएंगे।






