देशभर में आज बैंकों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े बैंककर्मी; 3 दिन प्रभावित रहेंगी बैंकिंग सेवाएं
11 सितंबर को UFBU की देशव्यापी हड़ताल, 12 सितंबर दूसरा शनिवार और 13 सितंबर रविवार
UPI-ATM जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहने की उम्मीद
Bank Strike Today: बैंकिंग ग्राहकों के लिए आज यानी 11 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण दिन है। देशभर में बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों ने एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की अगुवाई में होने वाली इस हड़ताल का प्रमुख मुद्दा 5-डे बैंकिंग वर्किंग लागू करने की मांग है। हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं की नियमित सेवाएं लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों को बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
5 दिन बैंकिंग की मांग पर अड़े कर्मचारी
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। UFBU के अनुसार, 5-डे बैंकिंग का मुद्दा लंबे समय से लंबित है और मार्च 2024 में इस पर सहमति बनने के बावजूद अब तक इसे लागू करने की स्पष्ट समयसीमा नहीं मिली है। यूनियनों का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ कई दौर की बातचीत और सुलह प्रक्रिया हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। इसी वजह से UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
PLI समेत कई अन्य मांगें भी शामिल
हड़ताल केवल 5-डे बैंकिंग तक सीमित नहीं है। बैंक यूनियनों ने Performance Linked Incentive (PLI) से जुड़े मुद्दों और कई अन्य लंबित मांगों को भी उठाया है। यूनियनों की अन्य मांगों में पर्याप्त क्लेरिकल और सब-स्टाफ भर्ती, पेंशन से जुड़े मुद्दे, NPS से संबंधित मांगें, ग्रेच्युटी सीमा में बदलाव, पेंशन अपडेशन, मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य सेवा संबंधी मुद्दे शामिल हैं।
सरकार से हुई बातचीत, लेकिन नहीं टली हड़ताल
हड़ताल से पहले UFBU और संबंधित सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। वित्त मंत्रालय के Department of Financial Services (DFS) की ओर से 5-डे बैंकिंग के मुद्दे पर विचार किए जाने की बात कही गई, लेकिन यूनियनों के मुताबिक कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई। UFBU ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मुद्दे पर ठोस प्रगति या निश्चित समयसीमा सामने नहीं आती, तब तक 11 सितंबर की हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।
तीन दिन बैंक शाखाओं पर असर
11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार है, जबकि 13 सितंबर को रविवार है। इसलिए लगातार तीन दिनों तक सामान्य शाखा-आधारित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस दौरान कैश जमा या निकासी, KYC अपडेट, दस्तावेज जमा करने, पासबुक से जुड़े काम और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं में दिक्कत या देरी हो सकती है। हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। फिर भी किसी तकनीकी समस्या या बैंक-विशिष्ट स्थिति के कारण कुछ सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
कुछ राज्यों में और लंबा हो सकता है असर
देशव्यापी हड़ताल और सप्ताहांत के अलावा कुछ राज्यों में स्थानीय बैंक अवकाश भी पड़ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ हिस्सों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। ऐसे में कुछ राज्यों में बैंकिंग सेवाओं का व्यवधान तीन दिन से भी ज्यादा लंबा हो सकता है। गुजरात में भी 11 से 13 सितंबर तक बैंकिंग गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई गई है। वहां हजारों बैंक शाखाओं और बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की बात सामने आई है।
सितंबर-अक्टूबर में फिर हो सकती है बड़ी हड़ताल
बैंक यूनियनों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। UFBU ने 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। इसके बाद मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में भी बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता और छुट्टियों का कैलेंडर ध्यान में रखना जरूरी होगा।






