करंट लगने से ग्रामीण और बैल की मौत, असुरक्षित तार से बड़ा हादसा
गुमला: जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसटोली गांव में एक दर्दनाक हादसे में 59 वर्षीय ग्रामीण रामजतन लोहरा और उसके बैल की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के असुरक्षित उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की पहचान रामजतन लोहरा (59 वर्ष), पिता स्वर्गीय बंधु लोहरा, निवासी बांसटोली, सिसई के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सिसई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया।
नदी किनारे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सैंदा नदी के किनारे हुआ। बताया जा रहा है कि गांव के पुनई उरांव और उसके पुत्र सुखराम उरांव द्वारा खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए असुरक्षित ‘चाइनीज तार’ का इस्तेमाल किया गया था। इसी तार के संपर्क में पहले रामजतन का बैल आया, जो संभवतः नदी में पानी पीने गया था। बैल को करंट लगते देख रामजतन उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन इस प्रयास में वे खुद भी बिजली की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों की लाश बाद में नदी में तैरती हुई मिली, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
संदेह के घेरे में तार और व्यवस्था
घटना के बाद मौके से बिजली का तार हटा दिया गया, जिससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नंगा बिजली का तार नदी तक कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। सुखराम उरांव ने बताया कि उन्होंने सिसई क्षेत्र के लिए बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है, लेकिन खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए लगभग 2 किलोमीटर दूरी तक चाइनीज तार का उपयोग किया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के अधिकांश लोग इसी तरह के तारों का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह सस्ता पड़ता है।
असुरक्षित तार बन रहे मौत का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के चाइनीज तार बेहद खतरनाक होते हैं और कई बार जानलेवा साबित होते हैं। इन तारों में पर्याप्त सुरक्षा मानक नहीं होते, जिससे करंट लीक होने की संभावना बनी रहती है। गांवों में कम खर्च के कारण लोग ऐसे तारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सुरक्षित आपूर्ति और जागरूकता की कमी के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। जरूरत है कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए, असुरक्षित तारों के उपयोग पर रोक लगाए और लोगों को सुरक्षित बिजली उपयोग के लिए जागरूक करे।
गुमला की यह घटना दिल दहला देने वाली है, जिसमें एक ग्रामीण ने अपने पशु को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। यह हादसा हमें याद दिलाता है कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। अब सवाल यह है कि क्या इस घटना के बाद प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क होंगे या ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।






